गढ़वा जिला के रमकंडा में बाघ का दहशत कायम है। बाघ ने होमिया गांव में दो बछड़ों को अपना शिकार बनाया। इसके बाद से बाघ के रमकंडा के जंगल में ही होने का दावा स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं। वहीं, पहली बार नदी के किनारे बाघ का पगमार्क देखा गया। भंडरिया वन क्षेत्र के अधिकारियों ने रमकंडा के तेतरडीह के जंगलों में टाइगर के फुटमार्क मिलने की पुष्टि की है। वनपाल कमलेश कुमार ने बताया कि फुटमार्क बाघ का ही है। जो बैदेशी की ओर जाते समय का है। उसके लौटने समय का कोई फुटमार्क अब तक नहीं मिला है। बाघ के मूवमेंट को लेकर पीटीआर और गढ़वा वन विभाग ने 10 ट्रैपिंग कैमरा लगाया है। मगर कैमरे में अब तक बाघ की गतिविधि कैद नहीं हुई है। होमिया गांव निवासी सुरेंद्र कोरवा के मवेशी को बाघ ने सोमवार को मार डाला था। धूप निकलने के बाद पशुओं को चरने के लिए जंगल में छोड़ा गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, बाघ को देख अचानक जंगल से पशु भागने लगे। ग्रामीणों ने देखा तो बाघ बछड़ों को मार कर खा रहा था। इसके पहले शुक्रवार दोपहर रमकंडा के बैदेशी में किए गए गाय के शिकार से उसने अपनी भूख मिटायी थी। वहीं, पिछले गुरुवार की रात भंडरिया वन क्षेत्र के रोदो में एक भैंस को मार डाला था। इसके बाद 15 किमी दूर बैदेशी के जंगलों में पहुंच गया। यहां गांव किनारे चारा खा रहे एक पशु पर हमला कर उसे मार डाला। पीटीआर और गढ़वा वन विभाग के अधिकारी उसे ट्रैक करने का प्रयास कर रहे पीटीआर से सटे गढ़वा के दक्षिणी वन क्षेत्र में टाइगर की उपस्थिति के बाद पीटीआर और गढ़वा वन विभाग के अधिकारी उसे ट्रैक करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल कुटकु रेंज में पलामू टाइगर रिजर्व की ओर से इन क्षेत्रों में 10 ट्रैपिंग कैमरे लगाए गए। ताकि उसकी तस्वीर मिल सके, लेकिन इन ट्रैपिंग कैमरों से दूर टाइगर रमकंडा भंडरिया की सीमा पर जंगली क्षेत्रों में मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है।


