कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा के “बैंड बजाने” वाले बयान पर विवाद और गहरा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसके विरोध में (आज) सोमवार चंडीगढ़ में बाजवा के घर के बाहर बैंड-बाजे के साथ प्रदर्शन करने की तैयारी की है। यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे होगा। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को लेकर दिए गए बयान से प्रताप सिंह बाजवा ने दलित समाज का अपमान किया है। इससे पहले पार्टी के सीनियर नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बाजवा को 24 घंटे के भीतर माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया था, वरना कार्रवाई की चेतावनी दी थी। यह समय अवधि भी पूरी हो गई है। ऐसे शुय हुआ था यह विवाद जंडियाला गुरु में कांग्रेस की मनरेगा के मुद्दे में रैली थी। रैली के दौरान कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा समेत सारी कांग्रेस लीडरशिप मंच पर मौजूद थी। इस दौरान रैली को संबोधित करते हुए प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यहां वाला हरभजन सिंह ईटीओ पहले बैंड बजाता रहा है। मेरे भाइयों, शायद आपको पता नहीं होगा कि बड़े स्तर पर जो महकमा उसके पास है, उसमें लूट हो रही है। अब यह बैंड बजाने वाला नहीं रह गया है। इसने तो पंजाब का बैंड बजाना शुरू कर दिया है। इसलिए इसका बैंड अच्छी तरह बजाएंगे। यह हमारी वचनबद्धता है सभी से। नोट कर लो, हम भागने वाले नहीं हैं। बाजवा के बयान के बाद आम आदमी पार्टी आक्रामक हो गई। अजनाला से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बाजवा को मानसिक इलाज की जरूरत है। वहीं हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बाजवा की टिप्पणी बेहद अपमानजनक है। चीमा ने कहा कि हरभजन सिंह ईटीओ ने गरीबी से उठकर मेहनत के बल पर सफलता हासिल की है। उन्होंने सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास की, ईटीओ बने और बाद में समाज सेवा के लिए नौकरी छोड़कर आम आदमी पार्टी जॉइन की। जनता ने उन्हें चुना और सरकार ने मंत्री बनाया। दलित विरोधी मानसिकता का आरोप हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की भाषा और सोच दलित विरोधी है। कांग्रेस के निशाने पर हमेशा दलित मंत्री रहते हैं। कभी “मैटेरियल आ गए” तो कभी “माझे वाले आ गए” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बैंड वाले का बेटा होने का गर्व मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि उन्हें अपने पिता के पेशे पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मुझे बैंड वाले का बेटा होने पर गर्व है। मेरे पिता ने कभी तस्करी नहीं की। मैंने पीसीएस परीक्षा पास की और ईटीओ बना। कांग्रेस के नेता चांदी के चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, इसलिए उन्हें मेहनत करने वालों की कद्र नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि यह बयान कांग्रेस की बौखलाहट दिखाता है और 2027 में दलित मतदाता कांग्रेस को सबक सिखाएंगे। सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है।


