बाड़मेर में कलेक्टर के आदेश पर खुले पड़े बोरवेल बंद किए जा रहे हैं। सख्त आदेश के बाद जिले में कई जगहों पर बोरवेल बंद किए गए। अभी भी अधिकांश जगहों पर बोरवेल खुले हैं। बॉर्डर के गांव जैसिंधर स्टेशन सहित कई गांवों में पटवारियों ने बोरवेल ढंकवाने की कार्यवाही की। बीते दिनों कोटपूतली में 3 साल की बच्ची चेतना बोरवेल में गिर गई थी। इसके बाद लगातार प्रयासों करने पर 10 दिन बाद बच्ची को बाहर निकाला गया। बच्ची की मौत हो गई। इस दौरान आपदा प्रबंधन विभाग जयपुर ने संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर को बोरवेल बंद करके एक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। बाड़मेर एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत 29 दिसंबर 2024 को जिले के सभी विकास अधिकारी और पटवारी को संयुक्त प्रगति रिपोर्ट 1 जनवरी तक भेजने के निर्देश दिए थे। जैसिंधर स्टेशन के पटवारी रोहिताश मीणा ने बताया- जिला कलेक्टर के आदेश की पालना में जैसिंधर स्टेशन हल्के के गांव अकली में पड़े सूखे सरकारी बोरवेल काफी समय से खुले हुए थे। उसमें किसी प्रकार की अनहोनी घटनाएं नहीं हो इसलिए आज उनको बंद किया गया है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे कर देखा कि रोड के बिल्कुल किनारे बोरवेल खुले हालात में थे। जिनकों हमने बंद कर दिया। मेरे पटवार हल्के के लोगों से अपील है कि अगर इस तरीके से किसी भी जगह बोरवेल, कुआं या कोई गहरा गड्ढा हो। जिससे गिरने से जान जाना का जोखिम रहता है। उनको तुंरत ढक दें। सभी ग्रामवासी अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझें। आज भी बड़ी संख्या में खुले बोरवेल प्रशासन की तरफ से आदेश होने के बाद भी आज भी कई जगह सरकारी और गैर सरकारी बोरवेल खुले पड़े हैं। जसाइ के असाड़ा की बेरी, भाडखा गांवों में बोरवेल खुले पड़े हैं। इनपुट : जसवंत सिह इंदा


