उत्तर छत्तीसगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ के असर से शीतलहरों का असर कम हुआ है। बादलों के प्रवेश के कारण न्यूनतम तापमान पिछले दो दिनों से करीब 3 डिग्री बढ़ गया है। इससे सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड से राहत मिली है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से आगामी एक सप्ताह तक कड़ाके की ठंड से राहत की उम्मीद है। सरगुजा में पिछले एक सप्ताह से सरगुजा संभाग के पाट से लेकर मैदानी इलाकों तक पाले पड़ रहे थे। सरगुजा संभाग में इस वर्ष 13 वर्षों बाद दिसंबर माह में रिकार्ड ठंड पड़ी। उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहरों के कारण दिसंबर के दूसरे एवं तीसरे सप्ताह में सरगुजा के अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री के आसपास पहुंच गया। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान भी 4 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया था। बादलों ने ठंड पर लगाया ब्रेक
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से शीतलहर में ब्रेक लग गया है। करीब एक सप्ताह तक सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड से राहत रहेगी। गुरूवार एवं शुक्रवार को अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है। बादल छाए रहने से आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और बढ़ोत्तरी होगी। पाट क्षेत्रों में भी नहीं पड़े पाले
सरगुजा में पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक गिर गया था, इसके कारण जमकर पाले पड़ रहे थे। बादल छाए रहने के कारण मैनपाट एवं सामरीपाट में भी न्यूनतम तामपान 5 डिग्री तक बढ़ गया है। इस कारण पाट क्षेत्रों में भी पाले नहीं पड़े हैं। ठंड में कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। सप्ताहभर बाद लौटगी ठंड
मौसम वैज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से नम हवाएं सरगुजा संभाग में प्रवेश कर रही हैं। इसके कारण बादल छाए हुए हैं एवं ठंड से राहत मिली है। पश्चिमी विक्षोभ का असर एक सप्ताह तक रह सकता है। एक सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने से फिर से ठंड लौटेगी। अंबिकापुर में दर्ज न्यूनतम तापमान


