खाटू नरेश बाबा श्याम की सवारी के लिए 125 किलो चांदी से रथ बनाया गया है। सोमवार को फाल्गुनी एकादशी पर बाबा इसी रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। बीकानेर के नोखा में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से भव्य रथ तैयार किया गया है। इसके निर्माण में एक महीने से ज्यादा का समय लगा है। रथ खाटू श्याम मंदिर पहुंच चुका है। फाल्गुन एकादशी को श्याम मंदिर से सुबह रथ यात्रा रवाना होगी। यात्रा प्राचीन श्याम कुंड, अस्पताल चौराहा, पुराना बस स्टैंड से होकर मुख्य बाजार कबूतर चौक पहुंचेगी, जहां रथ यात्रा समाप्त होगी। दानदाता ने गुप्त रखा नाम
नोखा सिल्वर वर्क्स के रामगोपाल चांडक और सुनील राहड़ ने बताया- प्रतिदिन 8 मजदूरों ने काम करके इसे एक महीने में नोखा में ही तैयार किया। दानदाता का नाम गुप्त रखा गया है। इस प्रकार का विशेष रथ बाबा श्याम की सवारी के लिए बनाया गया है, जो उनके भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। रथ को नोखा से 7 मार्च को रवाना किया गया था, जो 8 मार्च को खाटू श्याम पहुंच चुका है। जीप की बॉडी पर तैयार किया नया रथ
सीकर के खाटू श्याम मंदिर में श्याम धणी सरकार इस बार एकादशी को चांदी से तैयार हुए रथ पर विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। रथ को धक्का नहीं लगाना पड़े इसके लिए जीप की बॉडी पर इसे तैयार किया गया है। दरअसल, पिछले मेले के दौरान रथ के पहिए निकलने से समस्या आ रही थी। रथ भी काफी पुराना हो गया था। इन तीन बिंदुओं से जानिए…. फैक्ट्रियों में कैसे तैयार होते हैं चांदी के आइटम खाटूश्याम से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… दावा-खाटू मेले में तबीयत बिगड़ी तो 5 मिनट में मदद:पहली बार बाइक एंबुलेंस और फायर बाइक, 400 सीसीटीवी से 18 किमी के चप्पे-चप्पे पर नजर खाटूश्यामजी लख्खी मेले में भक्तों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि मेले में किसी की तबीयत बिगड़ी तो बाइक एंबुलेंस से 5 मिनट में मदद पहुंचाई जाएगी। मेले में बने 6 कमांड सेंटर से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी रींगस से खाटू तक के करीब 18 किलोमीटर के पूरे एरिया को ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से स्कैन कर रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें) खाटूश्यामजी के भक्तों को काजू-बादाम, पिज्जा-पास्ता का नाश्ता:मेले में अलग-अलग राज्यों का खाना, भंडारों में 5 स्टार होटल वाले जायके इत्र की फुहारों से स्वागत। वेलकम ड्रिंक में बादाम शेक। फास्टफूड के शौकीनों के लिए पिज्जा, पास्ता, चाउमीन, डोसा, मेदू वड़ा। मीठे में गुलाब जामुन, लड्डू और बर्फी। सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं तो मखाने, काजू, बादाम। सादा खाना पसंद करते हैं तो सब्जी, रोटी और चावल। कुछ ठंडा खाने या पीने का मन है तो अलग-अलग फ्लेवर की आइसक्रीम, छाछ और राबड़ी। …पढ़कर आपको लग सकता है कि किसी शादी में लगी स्टॉल्स की बात हो रही है या किसी रेस्टोरेंट की…लेकिन ऐसा नहीं है। यहां बात हो रही है कि खाटूश्यामजी मेले में लगाए भंडारों की। (पूरी खबर पढ़ें)


