बाबा बैद्यनाथ व मां पार्वती मंदिर के उतारे गए पंचशूल:छूने और सिर से लगाने के लिए उमड़ी भीड़, गठबंधन का धागा लेने की मची होड़

महाशिवरात्रि के दो दिन पूर्व सोमवार को एकादशी तिथि पर प्राचीन परंपरा के अनुसार बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के मंदिर के शिखर से पंचशूल को उतारा गया। इसके बाद पंचशूल को बाबा मंदिर के भीतर सफाई के लिए रखा गया। इधर, पंचशूल के उतरते ही उसे छूने के लिए और सिर से लगाने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, बाबा बैद्यनाथ व मां पार्वती के मंदिर के बीच के गठबंधन को खोला गया। गठबंधन का धागा लेने के लिए भी भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। यह परंपरा काफी प्राचीन
पंचशूलों की मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना होगी। दोनों मंदिरों के पंचशूलों को उतारने के बाद उनका मिलन कराया गया। यह परंपरा काफी प्राचीन है। इस दौरान पंचशूलों को स्पर्श करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने सिर सटाकर पंचशूलों को नमन किया और बाबा बैद्यनाथ और मैया पार्वती का आशीर्वाद लिया। भंडारी परिवार की अगुवाई में उतारा गया पंचशूल
बैद्यनाथ मंदिर के मुख्य प्रबंधक रमेश परिहस्त ने बताया कि सारे मंदिरों से उतारे गए पंचशूलों की मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना होगी। दोपहर में भंडारी परिवार की अगुवाई में भंडारियों की टोली ने दोनों मंदिरों के पंचशूल को उतारा। बैद्यनाथ मंदिर के सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा ने भी पंचशूलों का नमन कर आशीर्वाद लिया। पंचशूलों को उतारने के बाद गठबंधन को खोला गया
पंचशूलों को उतारने के बाद बाबा बैद्यनाथ व मां पार्वती के मंदिर के बीच के गठबंधन को खोला गया। गठबंधन का धागा लेने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। यह गठबंधन अखंड सुहाग का प्रतीक माना जाता है और साल में सिर्फ शिवरात्रि से एक-दो दिन पहले ही इसे खोला जाता है। मंदिर कार्यालय में मंगलवार को होगी पंचशूलों की विशेष पूजा बाबा, मां पार्वती सहित सभी मंदिरों के शिखर से उतारे गए पंचशूलों की मंगलवार को मंदिर कार्यालय के राधाकृष्ण मंदिर के बरामदे पर पुजारी व आचार्य तांत्रिक विधि से पूजा करेंगे। करीब एक घंटे की विशेष पूजा के बाद आरती की जाएगी। उसके बाद पुनः गणेश मंदिर से पंचशूल को शिखर पर स्थापित करने का काम प्रारंभ हो जाएगा। पंचशूल लगने के बाद गठबंधन की शुरुआत की जाएगी। ड्रोन-लेजर शो और बैंड बाजा के साथ निकलेगी भव्य शिव बारात इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व अभूतपूर्व रूप से मनाया जाएगा। पहली बार झारखंड पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित की जा रही शिव बारात में श्रद्धालुओं को एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। 26 फरवरी को बारात केकेएन स्टेडियम से निकलकर बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर तक जाएगी। माना जा रहा है कि यहां शिव बारात देखने के लिए 3-4 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ जुट सकती है।
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