बामडोल और कोइमा के बीच पुल निर्माण के लिए पटना की कंपनी कर रही मिट्टी की जांच

गुड़ाबांदा । जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो द्वारा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को दिसंबर में दिए आवेदन देकर सुवर्णरेखा नदी में एक पुल का निर्माण कर बामडोल को कोइमा को जोड़ने की मांग की थी। जिस पर मंत्री ने सांसद को आश्वासन दिया था कि जल्द ही इस पर टीम कार्य करेगी। मंत्री के आश्वासन के दो महीने में ही पटना के एक कंपनी श्री ओम साई कंस्ट्रक्शन को पुल निर्माण के पहली सीढ़ी मिट्टी की जांच के लिए भेजा। कंपनी के प्रमोद कुमार ने बताया कि हमें इंजीनियर ने इस कोइमा गांव से मिट्टी की जांच के लिए कहा। यहां 40 फीट की खुदाई की जाएगी और यहां से जो मिट्टी निकलेगी उसे पटना सैंपल के लिए भेजा जाएगा। इधर, पुल की कुल लंबाई तीन किमी की होगी और हर 100 से 200 मीटर के बीच जांच होगी। जांच के बाद आगे की प्रक्रिया होगी। इस पुल के बन जाने से बहरागोड़ा से कोइमा की दूरी मात्र 15 किलोमीटर की होगी। जो वर्तमान में 30 किमी की ओडिसा से होती है। इससे शिक्षा, व्यपार, कृषि और स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा। साथ ही ग्रामीणों की पुरानी मांग पूरी होगी। खड़गपुर| पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत मेदिनीपुर सदर के लोहाटिकरी इलाके में सटे जंगल में आग लगने से इलाके के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जानकारी हो कि लोहाटिकरी गांव जंगल से सटा हुआ है। ग्रामीणों ने सर्वप्रथम जंगल को आग के चपेट में देखा। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस, वन विभाग और दमकल को दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के कर्मी और दमकल की एक इंजन घटना स्थल पर पहुंचकर परिस्थिति को सामान्य किया। आग के चपेट में आने से कई पेड़ जलकर नष्ट हो गये। घटना को लेकर वन विभाग का कहना है कि जंगल में आग ना लगने को लेकर वन विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके बावजूद कुछ शरारती लोग अपनी हरकतों से बाज नही आ रहे हैं। जंगल में आग लगने से कीमत पेड़ जल रहे, वन प्राणियों के जान को खतरा है और पर्यावरण को क्षति पहुंच रही है। जंगल में आग लगाने वालों को चिंहित करके उनके खिलाफ वन विभाग के कानून के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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