बारां शहर में तीन दिन पहले गोवंश का कटा धड़ मिलने के मामले को लेकर आक्रोश जारी है। इस घटना के विरोध में गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने सोमवार को शहर बंद का आह्वान किया, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। बाजार पूरी तरह बंद रहे और विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। घटना तीन दिन पूर्व बरड़िया क्षेत्र में सामने आई थी, जहां एक बछड़े का कटा हुआ शव मिला था। गौ सेवकों ने इसे गोहत्या का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। पुलिस ने एक पशुपालक के सामने आने के बाद बछड़े की प्राकृतिक मौत होने और किसी जानवर द्वारा शव को नुकसान पहुंचाने की बात कही है। हालांकि, गौ सेवक इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि पुलिस मामले को निपटाने का प्रयास कर रही है, जबकि बछड़े के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे। पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में गौ सेवकों की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में सोमवार को बारां बंद रखने का निर्णय लिया गया। सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में गौ सेवक और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता प्रताप चौक पर एकत्रित हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और शहर के सभी बाजार बंद करवाए। बंद के कारण पूरे दिन बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। आक्रोशित गौ सेवकों ने प्रताप चौक चौराहे पर भी धरना दिया। उन्होंने सड़क पर बैठकर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।


