बारां में शहर के मंडोला स्थित आरडी ब्रदर्स के 3 पटाखा गोदामों में अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण और निर्माण के खिलाफ 3 दिवसीय कार्रवाई पूरी हो गई है। पुलिस, प्रशासन और विशेषज्ञ टीमों की संयुक्त कार्रवाई में लगभग 2 लाख 31 हजार 300 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत करीब 40 करोड़ रुपए आंकी गई है। तीनों गोदामों को सील कर दिया गया है। 20 फरवरी को शुरू हुई थी कार्रवाई
एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि 20 फरवरी को अवैध भंडारण की सूचना मिली थी। इसके बाद एएसपी राजेश चौधरी के निर्देशन और डीएसपी हरिराम सोनी के सुपरविजन में प्रशिक्षु आरपीएस व कोतवाली प्रभारी भजनलाल ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में भारी मात्रा में विस्फोटक पटाखे और निर्माण सामग्री पाई गई, जिसके बाद नगर परिषद आयुक्त और जिला प्रशासन को सूचित किया गया। नीले रंग के सूतली बमों को कट्टों में भरवाया
इसके बाद 21 और 22 फरवरी को नगर परिषद आयुक्त, एसडीएम, बीडीएस टीम, एफएसएल टीम, अग्निशमन दल और सुरक्षा उपकरणों के साथ विस्तृत जब्ती कार्रवाई की गई। इस दौरान गोदामों की छतों और टीन शेड पर सूखने के लिए रखे गए नीले रंग के सूतली बमों को कट्टों में भरवाया गया। 338 क्विंटल सूतली बम जब्त किए
कार्रवाई के दौरान कुल 1350 सफेद कट्टों में भरे 338 क्विंटल सूतली बम जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त, 5500 कार्टूनों में भरे लगभग 1918 क्विंटल पटाखे भी बरामद हुए। गोदामों से 12 क्विंटल पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल पाउडर, एल्युमिनियम पाउडर, नीला थोथा, मिश्रित विस्फोटक पदार्थ और फॉस्फेट बरामद किए गए। 130 बोरियों में भरा 45 क्विंटल जर्दा, लाल बत्ती के 20 बंडल, पैकिंग मशीनें और विभिन्न लेबल भी जब्त किए गए। लाइसेंस क्षमता से दोगुना से ज्यादा सामग्री मिली
जांच में यह भी सामने आया कि फर्म के पास 1 लाख 20 हजार किलोग्राम भंडारण क्षमता का लाइसेंस था, जबकि मौके पर लाइसेंस क्षमता से दोगुना से अधिक सामग्री मिली। गोदामों में फायर सेफ्टी उपकरण भी मौजूद नहीं थे। तीनों गोदामों को सील कर दिया गया है। कोतवाली पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच किशनगंज थानाधिकारी रमेशचंद मैरोठा कर रहे हैं।


