बारिश की संभावना के बाद भी परिवहन कार्य में हो रही लापरवाही
कोतमा। शासन द्वारा किसानों से 2 दिसंबर से धान की खरीदी की जा रही है और उपार्जन केन्द्रों पर बड़ी मात्रा में धान पिछले कई दिनों से खुले में पड़ी हुई थी। पिछले 2-3 दिनों से लगातार मौसम में बारिश की संभावना के बाद भी परिवहन कार्य में विभाग द्वारा की गई लापरवाही के कारण शनिवार को सुबह से हुई बारिश के बाद क्षेत्र के ज्यादातर धान उपार्जन में खुले में रखी हुई धान में बारिश से खराब हो गई। बताया जाता है कि क्षेत्र के आधा दर्जन से ज्यादा बनाए केंद्रों में से कोठी एवं खोडरी में स्थित उपार्जन केन्द्रों में शेड न होने के कारण सबसे ज्यादा धान खराब होने की संभावना जताई जा रही है। कोठी में लगभग 20 हजार क्विटंल खरीदी गई धान में से मात्र 8 से 9 हजार किवंटल ही परिवहन होने की बात बताई जा रही है। वहीं इसी प्रकार खोड़री में स्थित उपार्जन केंद्र में भी शेड न होने के कारण बारिश से धान भीगने की बात किसानों द्वारा बताई जा रही है। मुख्यालय में स्थित बुढ़ानपुर रोड कृषि उपज मंडी एवं धान खरीदी केंद्र में 10 हजार क्विंटल से ज्यादा धन खुले में पड़े होने के बाद भी प्रबंधक द्वारा पानी से ढक कर बचाने का दावा किया जा रहा है। समय से केंद्र से धान का उठाओ नहीं होने से समस्या हो रही है वहीं विभाग परिवहन को लेकर गंभीर नहीं है और परिवहन कर्ता एवं ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। मौसम के जानकारी के अनुसार अभी आने वाले एक-दो दिन और वर्षा की संभावना बताई जा रहा है। इसके बाद भी धान खरीदी केन्द्रों के जिम्मेदार व उच्च अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है उपार्जन केदो के पास धन को बरसात से बचने के लिए सीमित साधन उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई है ज्यादातर केंद्रों पर खुले और जमीन पर ही धान का संग्रहण किया गया है। शासन के द्वारा करोड़ों रुपया की धान खरीदी की गई लेकिन समय से परिवहन ना होने के कारण शनिवार को हुई दिन भर की बारिश से धान भीग गई।


