पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में सिविल लाइंस स्थित सोडाला क्षेत्र में अशोकपुरा गौहत्या कांड के विरोध में प्रदर्शन किया गया। बुधवार को बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे और भजनलाल शर्मा का पुतला दहन कर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान खाचरियावास ने कहा कि मौसम की मार भी जनता के आक्रोश को नहीं रोक सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि वायरल वीडियो में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने के बावजूद पुलिस ने अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है और मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो रही। उन्होंने स्थानीय विधायक पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता अपराधियों को संरक्षण दे रही है। खाचरियावास ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गोमाता के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद संरक्षण देना भूल जाती है। उन्होंने विधायक द्वारा माफी मांगने को नाकाफी बताते हुए कहा, “हमें भाषण नहीं, दोषियों को जेल में देखना है।” उन्होंने विधानसभा में गोमाता को राज्य पशु घोषित करने के प्रस्ताव को ठुकराए जाने पर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि यह भाजपा का असली चेहरा है। प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान खाचरियावास ने घोषणा की कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज करेगी। हर विधानसभा क्षेत्र, कस्बे और शहर में गो-रक्षा यात्राएं निकाली जाएंगी और पुतला दहन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी, “यदि प्रशासन ने आंदोलन रोकने की कोशिश की तो कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर राजभवन जयपुर तक घेराव किया जाएगा।” सैकड़ों कार्यकर्ता रहे मौजूद इस प्रदर्शन में रोहिताश सिंह, राजकुमार बाढ़ड़ा, दशरथ सिंह, हर्षल आमेरिया, जितेंद्र शर्मा, इक़बाल भाई, रमेश सिंह, जोधा दुर्गेश, भगवत सिंह राजावत, धर्मेन्द्र शर्मा, प्रशांत सैनी, नरेंद्र मार्वल, मनीष चतुर्वेदी, नसीर भाई, हनी ठाकुर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता व स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शन स्थल पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की मांग दोहराई गई। राजधानी जयपुर में हुए इस विरोध ने एक बार फिर अशोकपुरा गौहत्या कांड को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।


