बार एसोसिएशन अध्यक्ष विवेक शर्मा का इंटरव्यू:शर्मा दूसरी बार बने बार एसोसिएशन अध्यक्ष कांटे की टक्कर में रंगा को 27 वोटों से हराया

विवेक शर्मा बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष होंगे। उन्होंने कांटे की टक्कर में अपने निकटतम प्रतिद्वंदी लक्ष्मीकांत रंगा को 27 वोटों से हरा दिया। शर्मा दूसरी बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। शुक्रवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ जिसमें 2073 में से 1859 मतदाताओं ने वोट डाले। इनमें करीब 300 महिला मतदाता थीं। चार वोट खारिज हुए। चुनाव लड़ रहे सात दावेदारों में से दो में ही कांटे की टक्कर रही जिसमें विवेक शर्मा ने लक्ष्मीकांत रंगा को 27 वोटों से मात दे दी। शर्मा को 634 और रंगा को 607 वोट मिले। तीसरे स्थान पर जितेन्द्रसिंह शेखावत रहे। उन्होंने 272 वोट हासिल किए। शर्मा दूसरी बार अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले उन्होंने वर्ष, 22 में चुनाव लड़ा और सीधे मुकाबले में सुरेन्द्रपाल शर्मा को 166 वोटों से हराकर अध्यक्ष बने थे। चुनावी जोड़तोड़ में शर्मा को जीत का दावेदार माना जा रहा था जो सही साबित हुआ। चुनाव लड़ने वालों में वेणुराज गोपाल पुरोहित को 220, बजरंगलाल छींपा को 106, पूनमचंद सिंघमार को 12 और मुबारक अली को 4 वोट मिले। चुनाव अधिकारी अविनाशचन्द्र व्यास ने बताया कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष पर विवेक शर्मा की जीत की घोषणा की गई है। सोमवार को उन्हें संविधान की शपथ दिलाई जाएगी और प्रमाण-पत्र सौंपा जाएगा। इस बार चुनाव में ज्यादा उत्साह था। इसी कारण 92.95 प्रतिशत वोट डाले गए। वयोवृद्व 82 साल के शंकरलाल हर्ष ने वोट डाला तो कुछ दिन पूर्व बाइपास सर्जरी करवाने वाले 70 साल के सत्यनारायण व्यास भी अपने आपको नहीं रोक पाए। चुनाव प्रक्रिया में चन्द्रप्रकाश कुकरेती, योगेन्द्र पुरोहित, सत्यपालसिंह शेखावत, विनोद पुरोहित, राधेश्याम सेवग, विजयपाल शेखावत, कुलदीप शेखावत, राजकुमारी पुरोहित सहित अनेक अधिवक्ताओं ने सहयोग किया। कुलदीप शर्मा, संदीप स्वामी, जगदीश सेवग, तेजकरण सिंह आदि ने प्रसन्नता जताई। कचहरी परिसर में सुरक्षा और रियासतकालीन भवन का गौरव बनाए रखना मेरी प्राथमिकता Q|आप दूसरी बार निर्वाचित हुए। क्या प्राथमिकता रहेगी? A| कचहरी परिसर में आमजन, वकील और खासकर महिलाओं की सुरक्षा जरूरी है। इसके लिए स्थाई पुलिस चौकी की स्थापना और रियासतकालीन भवन का गौरव बनाए रखना मेरी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। Q|जरूरी काम जो आप करवाना चाहेंगे? A|सरकार से युवा स्टाई फंड की डिमांड, एनडीपीएस की स्पेशल कोर्ट खुलवाना, हाईकोर्ट बेंच के काम को गति, राजस्व बैंच खुलवाना, महिलाओं की मूलभूत आवश्यकताओं पूरा करना और आरटीओ ऑफिस वकीलों के लिए शेड व अन्य इंतजाम करना Q|वकीलों में गुटबाजी है। ऐसे में ये सारे काम एक साल में हो पाएंगे? A|वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव से और युवाओं को साथ लेकर काम करेंगे। निस्वार्थ भाव से काम करेंगे और विश्वास है कि इसमें सबका सहयोग मिलेगा।

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