राज्य में संचालित बार और क्लबों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने आदेश जारी कर सभी जिलों में बार व क्लबों के इमरजेंसी एग्जिट की अनिवार्य जांच के निर्देश दिए हैं। जिन प्रतिष्ठानों ने संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त नहीं किया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि कई बार-क्लबों में आपातकालीन मानकों का समुचित अनुपालन नहीं होने की सूचना मिली है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि निरीक्षण के दौरान केवल इमरजेंसी एग्जिट ही नहीं, बल्कि फायर सेफ्टी सिस्टम, इवैक्यूएशन प्लान, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, बिल्डिंग बायलॉज कंप्लायंस और स्टाफ ट्रेनिंग की स्थिति भी परखी जाए। यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद हो और उपकरण कार्यशील अवस्था में हों। आम लोगों की जीवन रक्षा के लिए ये जांच अनिवार्य इमरजेंसी एग्जिट की संख्या, चौड़ाई व पहुंच
कार्यशील फायर अलार्म, एक्सटिंग्विशर- हाइड्रेंट
इवैक्यूएशन प्लान का प्रदर्शन और मॉक ड्रिल रिकॉर्ड
इलेक्ट्रिकल वायरिंग व लोड मैनेजमेंट की सुरक्षा
बिल्डिंग बायलॉज का अनुपालन और वैध एनओसी
स्टाफ की आपदा प्रबंधन संबंधी ट्रेनिंग और तैनाती कई बार और क्लबों में हो रही है मानकों की अनदेखी विभाग के अनुसार, यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके। रांची सहित अन्य जिलों में संचालित बार-क्लबों में यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित मानकों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें और आवश्यक प्रमाणपत्र अपडेट रखें। भीड़भाड़ वाले बंद स्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी से बड़े हादसे हो सकते है। ऐसे में समयबद्ध निरीक्षण और अनुपालन की सख्ती से ही जनहानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका को कम किया जा सकता है।


