भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार को जयपुर आएंगे। वे यहां तीन दिवसीय साइबर सिक्योरिटी सेमिनार का उद्घाटन करेंगे। सीजेआई के साथ सुप्रीम कोर्ट के 7 न्यायाधीश भी सेमिनार में हिस्सा लेंगे। सीजेआई ऐसे समय में जयपुर आ रहे है, जब प्रदेश में शनिवार-वर्किंग डे को लेकर बार और बैंच में गतिरोध बना हुआ है। बता दे कि पिछले साल दिसंबर में जैसलमेर में सीजेआई की उपस्थिति में हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की बैठक में साल 2026 से प्रत्येक माह के दो शनिवार (पहला-तीसरा) को वर्किंग का फैसला हुआ था। जिसके विरोध में वकीलों ने स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार करके विरोध जताया था। जनवरी महीने के तीसरे और फरवरी के पहले शनिवार को जजेज सुनवाई के लिए कोर्ट रूम में बैठे थे, लेकिन वकील विरोध स्वरूप कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस साल 17 शनिवार को कार्यदिवस घोषित
पूर्णपीठ की बैठक के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने साल 2026 में 17 शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया था। जिसके तहत 24 जनवरी, 7 फरवरी, 21 फरवरी, 7 मार्च, 25 अप्रेल, 2 मई, 16 मई, 4 जुलाई, 18 जुलाई, 1अगस्त, 22 अगस्त, 5 सितंबर, 26 सितंबर, 31 अक्टूबर, 21 नवंबर, 5 दिसंबर और 19 दिसंबर को सुनवाई होगी। वैकल्पिक रास्ता निकालने के बाद भी नहीं टूटा गतिरोध
वकीलों के विरोध को देखते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने 23 जनवरी को आदेश जारी करते हुए वैकल्पिक रास्ता निकालने की कोशिश की। प्रशासन ने कहा कि सभी वर्किंग-सर्टेडे को केवल पुराने मामलों की ही सुनवाई होगी। पुराने कैसेज भी पक्षकारों की मर्जी से ही लिस्ट किए जाएंगे। वहीं वकीलों के लिए शनिवार को उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। लेकिन बार ने इस प्रस्ताव को भी नहीं माना। बार का साफ कहना है कि वर्किंग सर्टेडे का फैसला उन्हें मंजूर नहीं है। 21 फरवरी को हाईकोर्ट में अवकाश घोषित
साइबर सिक्योरिटी सम्मेलन के आयोजन को देखते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने 21 फरवरी (शनिवार) को जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ दोनों में अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में रजिस्ट्रार (प्रशासन) द्वारा 13 फरवरी को आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। हालांकि प्रदेश के न्यायिक जगत में इसे केवल सम्मेलन से जुड़ा निर्णय नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बार-बेंच के बीच चल रहे गतिरोध और प्रस्तावित न्यायिक कार्य बहिष्कार से भी जोड़कर भी देखा जा रहा है। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का विषय ‘साइबर सेफ्टी: अवेयरनेस, प्रोटेक्शन एंड इन्क्लूसिव एक्सेस टू जस्टिस’ रखा गया हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य न्यायिक संस्थानों, सरकारी विभागों और आम नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना है। तीन दिवसीय सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट न्यायाधीश, जिला जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव, साइबर लॉ एक्सपर्ट सहित पुलिस और प्रशासन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे।


