बालाघाट में किसान सरकार से धान की फसल का 31 सौ रूपए समर्थन मूल्य की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे है। शुक्रवार को सर्वदलीय किसान संगठन ने बैठक की। जिसमें किसानों से काली पट्टी बांधकर सोसायटी में धान बेचने के लिए कहा गया।सर्वदलीय किसान संगठन की बैठक के बाद किसान गर्जना संगठन ने भाजपा से कटंगी विधायक गौरव पारधी को ज्ञापन सौंपा और सरकार से वादे अनुसार 31 सौ रूपए समर्थन मूल्य दिलाए जाने की बात कही। सर्वदलीय किसान संगठन प्रतिनिधि डुलेंद्र ठाकरे ने कहा कि बंद आंदोलन तक किसानों ने धान सोसायटियो में नहीं बेचा, लेकिन सरकार किसानों की मांग को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रही है। जिले में कई ऐसे छोटे, मंझले किसान हैं जिनकी आय का स्त्रोत ही फसल है। ऐसी स्थिति में वह धान नहीं बेचेंगे तो कैसे गुजारा होगा। हमने निर्णय लिया है कि किसान सोसायटियो में मांग का समर्थन करते हुए काली पट्टी बांधकर धान विक्रय करें। यदि सरकार, फिर भी किसानों की मांग पर ध्यान नहीं देती है तो हम, सरकार को चेताने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार पांच साल की होती है। यदि सरकार ध्यान नहीं देती है तो पांच साल बाद हम निर्णय लेंगे। यह सही है कि किसानों के साथ सरकार ने वादाखिलाफी की है। यदि वह अपना वादा पूरा नहीं करती है तो वह जवाबदार होगी। वहीं किसान गर्जना संगठन जिलाध्यक्ष अरविंद चौधरी ने कहा कि हमने शुरुआत से ही जिले के किसी भी किसानों को धान बेचने से नहीं रोका। केवल नारा दिया कि कचरे की कीमत में किसान नहीं बेचेगा धान, सूने रहेंगे मंडी और मैदान। जिसको लेकर हमने आठ-आठ दिनों का चरणबद्ध आंदोलन किया। जिले का किसान जानता है कि किसान गर्जना संगठन ने जिले के किसानों की हक की आवाज को जिले से दिल्ली तक पहुंचाने का काम किया है।


