बालाघाट में 40 किलो वजनी मुकुट पहन निकले दो साधक:40 दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन किया, महाशिवरात्रि पर रूद्र-हनुमान शोभायात्रा

बालाघाट में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रुद्र और हनुमान स्वरूप की शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा शहर शिव भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया और भक्तों के जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण साधक पीयूष सांवरे और लक्ष अग्रवाल रहे, जिन्होंने रुद्र और हनुमान का स्वरूप धारण किया। इन दोनों साधकों ने 40 किलो वजनी विशाल मुकुट पहनकर शोभायात्रा में हिस्सा लिया। इस स्वरूप को धारण करने के लिए दोनों साधकों ने 40 दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए कठिन तपस्या की। शोभायात्रा का मार्ग और प्रमुख आकर्षण यह शोभायात्रा कार्यक्रम स्थल से प्रारंभ होकर अहिंसा द्वार, राजघाट चौक, नावेल्टी हाउस चौक, हनुमान चौक और सर्किट हाउस मार्ग से होती हुई आंबेडकर चौक पहुंची। यात्रा के दौरान विशेष रूप से भगवान शिव का भस्म नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। इसके साथ ही भगवान शिव-माता पार्वती और राम दरबार की जीवंत झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। परंपरा और आयोजन का उद्देश्य जय बजरंग सेवादल समिति और बलभीम व्यायाम शाला पिछले चार वर्षों से इस ‘रूद्र संग रूद्र अवतार’ कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की परंपराओं को बढ़ावा देना है। पहले 40 किलो वजनी मुकुट पहनने की यह परंपरा केवल दशहरा पर्व पर पानीपत की तर्ज पर निभाई जाती थी, लेकिन अब इसे महाशिवरात्रि पर भी शुरू किया गया है। कार्यक्रम की तस्वीरें देखिए-

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