बालाटिकरा पोटाकेबिन की छात्रा की मौत, अस्पताल ले जाते तोड़ा दम

भास्कर न्यूज | सुकमा छिंदगढ़ ब्लॉक के बालाटिकरा में कन्या आवासीय पोटाकेबिन की दूसरी कक्षा की छात्रा की मौत हो गई। सोमवार को प्रार्थना के बाद बीयत बिगड़ी। स्कूल स्टाफ उसे छिंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहा था, रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। डीएमसी उमाशंकर तिवारी अस्पताल पहुंचे। बीएमओ छिंदगढ़ डॉ. रसपाल सुमन ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करने से पहले ही छात्रा की मौत हो गई थी। मौत के कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही चलेगा। पोटाकेबिन की अनुदेशिका रामबती सागर ने बताया कि दूसरी की छात्रा 8 वर्षीया रोशनी नाग सुबह करीब 5.30 बजे प्रार्थना के बाद सांस लेने में दिक्कत होने लगी। स्टाफ उसे सीएचसी में भर्ती करवाने निकला, लेकिन पहले ही दम तोड़ दिया। सुकमा डीएमसी उमाशंकर तिवारी ने पल्ला झाड़ते कहा कि वे बेटे के काम से बैंक जा रहे हैं, इसलिए कुछ नहीं कह सकते। इधर डीईओ जेआर मंडावी ने बताया कि डीएमसी व बीआरसी पोटाकेबिन गए हुए हैं। उनके आने के बाद ही पता चल सकेगा। मां ने कहा- स्वस्थ्य थी रोशनी, कैसे हो गई मौत, जवाब दे प्रबंधन तोंगपाल इलाके के लिटीरास निवासी रोशनी नाग के पिता की मौत के बाद मां रामबती नाग पर ही परिवार की जिम्मेदारी है। चार बेटियों में से रोशनी तीसरे नंबर की थी। उसकी मौत से स्तब्ध मां ने बताया कि सुबह 6 बजे पोटाकेबिन से उनकी बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। वह बेटी व देवर के साथ छिंदगढ़ अस्पताल पहुंची। यहां बेटी की मौत की खबर मिली। रामबती ने प्रबंधन पर सवाल खड़े करते कहा कि जब बेटी स्वस्थ्य थी तो अचानक कैसे मौत हो सकती है। दो दिन पहले ही उसे आधार कार्ड भिजवाया था। बीमारी की हालत में मौत होती तो समझ में आता, लेकिन स्वस्थ्य बच्ची की मौत समझ से बाहर है।

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