बालेसर के दो नए राजस्व गांव के नामकरण पर रोक:मोड़सिंह नगर के खिंव नगर, सत्तीदान गढ़ के नाम रद्द किए

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर डबल बेंच ने नवगठित ग्राम पंचायत मोड़सिंह नगर के दो राजस्व गांवों खिंव नगर और सत्तीदान गढ़ के नामकरण को नियम विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नए राजस्व गांवों के नाम किसी व्यक्ति, धर्म, जाति या उपजाति के नाम पर नहीं रखे जा सकते। कोर्ट ने राज्य सरकार को इन गांवों के लिए नए नाम निर्धारित करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका यह मामला हाल ही में प्रदेश में हुए पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों और राजस्व गांवों के परिसीमन से जुड़ा है। इसी परिसीमन के तहत चामु पंचायत समिति की नवगठित ग्राम पंचायत मोड़सिंह नगर में खिंव नगर और सत्तीदान गढ़ नामक नए राजस्व गांवों का गठन किया गया था। इन गांवों के नाम व्यक्ति विशेष के नाम पर रखे जाने को चुनौती देते हुए ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाकर्ताओं में ग्राम पंचायत मोड़सिंह नगर के भूरसिंह और उम्मेद सिंह शामिल थे। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने समान प्रकृति की सभी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा जारी ऐसी अधिसूचनाएं, जिनमें राजस्व गांवों के नाम व्यक्तियों के नाम पर रखे गए थे, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आलोक में पुनः परीक्षण योग्य हैं। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के ‘भिखा राम बनाम राजस्थान राज्य’ प्रकरण और राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग द्वारा 20 अगस्त 2009 को जारी परिपत्र का हवाला दिया। इन न्यायिक दृष्टांतों के आधार पर कोर्ट ने कहा कि किसी भी नए राजस्व गांव का नाम किसी व्यक्ति, धर्म, जाति या उपजाति के नाम पर नहीं रखा जा सकता। नामकरण सामान्य सहमति से किया जाना चाहिए। विकास संबंधी काम जारी रहेंगे खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित अधिसूचनाओं को केवल नामकरण के बिंदु तक ही निरस्त किया गया है। राजस्व गांवों के गठन और उनके विकास संबंधी सभी कार्यवाहियां यथावत जारी रहेंगी और उन पर इस निर्णय का कोई असर नहीं पड़ेगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *