छत्तीसगढ़ में शनिवार शाम चली तेज अंधड़ बालोद जिले में कहर बनकर टूटी। 60 से 70 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आई आंधी से जिलेभर में एक दर्जन से अधिक बिजली के पोल टूट गए और प्रमुख मार्गों पर 50 से अधिक पेड़ गिर गए। जिन्हें बाद में ग्रामीणों ने काटकर हटा दिया। पेड़ और टीन शेड गिरने की घटनाओं में सात से अधिक लोग घायल हो गए। इधर, गुंडरदेही ब्लॉक के दो अलग-अलग स्थानों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आई। हालात को काबू में पाने और राहत पहुंचाने में प्रशासन और स्थानीय ग्रामीण जुटे रहे। 48 घंटे में आंधी-बारिश से जिले में दो लोगों की मौत बतादें कि पिछले 48 घंटे में बालोद जिले में दो बार तेज आंधी और बारिश ने तबाही मचाई है। गुरुवार को आई पहली आंधी में दो लोगों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हुए। पहली घटना तांदुला जलाशय की है। जहां बोरिद (गुजरा) निवासी 48 वर्षीय सोमन कुमार निषाद की डूबने से मौत हो गई। दूसरी घटना देवरी थाना क्षेत्र के ग्राम खेरथाबाजार की है। जहां 63 वर्षीय कीर्तन बाई प्रजापति पर पेड़ गिरने से उनकी मौत हो गई। लगातार हो रही इन प्राकृतिक आपदाओं से ग्रामीण इलाकों में दहशत और चिंता का माहौल है। पेड़ और टीन शेड से घायल हुए ग्रामीण, चार की हालत गंभीर तेज आंधी से अलग-अलग जगहों पर पेड़ और टीन शेड गिरने की घटनाओं में सात से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। पहली घटना, बालोद ब्लॉक के ग्राम घुमका में हुई। जहां आंगन में बैठी अमरीका बाई (66) के ऊपर छज्जे पर रखा पुराना लकड़ी का दरवाजा गिर पड़ा। हादसे में उनका सिर फट गया और पैर की दो उंगलियां कट गई। दूसरी घटना, गुंडरदेही ब्लॉक के भाठागांव की है। जहां भारती धनकर (35) टीन शेड के नीचे दब गई और उन्हें सिर, आंख और शरीर में गंभीर चोटें आईं। तीसरी घटना बालोद ब्लॉक के ग्राम भोईनापार में हुई, जहां उतरा बाई टंडन (43) के ऊपर नीम का पेड़ टूट कर गिर गया। जिन्हें परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। चौथी घटना डौंडी ब्लॉक के गुदुम (मरकाटोला) गांव की है। जहां राजेन्द्र कुमार (50) के ऊपर बाड़ी में लगा आम का पेड़ गिर गया। जिन्हें 108 एम्बुलेंस के माध्यम से डौंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं बाकी घायलों का इलाज अन्य जगहों पर जारी है। हल्दी में चूल्हे की अंगार से लगी आग, लाखों का सामान जलकर खाक गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम पसौद (हल्दी) में तेज हवा के कारण चूल्हे में सुलग रही अंगार भड़क उठी। जिससे तोरण साहू के घर में भीषण आग लग गई। घटना के वक्त तोरण साहू और उनकी पत्नी खेत में रबी फसल की कटाई के लिए गए हुए थे। जब उनकी पत्नी सुशीला बाई घर लौटी, तब आग की जानकारी हुई। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस आगजनी में घर में रखे 60 बोरी धान, फ्रिज, कूलर, पंखा, अलमारी, कपड़े, सोने-चांदी के जेवरात और जरूरी कागजात जलकर खाक हो गए। आग फैलते हुए खेत-खलिहानों तक पहुंच गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार को अपने भाई के घर शरण लेनी पड़ी है। वहीं दूसरी ओर भाठागांव में 11 केवी करंट तार में तेज आंधी से हुए शॉर्ट सर्किट के कारण पैरावट में आग लग गई। जिसे ग्रामीणों ने मिलकर बुझा दिया। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले टूटा पंडाल इधर, जगन्नाथपुर में आयोजित दो दिवसीय दिल्लीवार कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन कार्यक्रम में तेज आंधी के कारण अफरा-तफरी मच गई। इस अधिवेशन में रविवार को मुख्यमंत्री शामिल होने वाले हैं। कार्यक्रम को लेकर समाज और प्रशासन दोनों तैयारियों में जुटे थे। लेकिन अचानक आई तेज आंधी ने सारी व्यवस्था को बिगाड़ दिया। पंडाल और कुर्सियां पूरी तरह से तहस-नहस हो गईं। स्थिति बिगड़ते देख लोग जान बचाकर पास के भवन की ओर भागे। इस घटना के बाद समाज के पदाधिकारी चिंतित हैं। क्योंकि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। बालोद-दुर्ग, अर्जुन्दा और लोहारा मार्ग पर गिरे पेड़, ग्रामीणों ने काटकर ले गए लकड़ी आंधी और बारिश के चलते प्रमुख सड़कों पर कई पेड़ गिर गए।जिससे यातायात घंटों प्रभावित रहा। बालोद-दुर्ग मुख्य मार्ग पर सिकोसा के पास, बालोद-अर्जुन्दा मार्ग पर कोहंगाटोला, और बालोद-लोहारा मार्ग पर जोगीभाट व चिल्हाटी के पास बड़े पेड़ सड़क पर गिर पड़े। इसके अलावा घोटिया मार्ग, सिंघनवाही और रेंगाड़बरी क्षेत्र में भी पेड़ों के गिरने से रास्ते अवरुद्ध हो गए। इस कारण राहगीरों को लंबा इंतजार और परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई ग्रामीण गिरे हुए पेड़ों को काटकर लकड़ी अपने घर ले जाते भी देखे गए।


