छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तांदुला नदी किनारे महिला का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है। महिला के गले में बंधी रस्सी और साड़ी से मामला बेहद संदिग्ध हो गया है। मंगलवार सुबह फॉरेंसिक, साइबर और बालोद पुलिस ने मौके से कई अहम सुराग जब्त कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दरअसल, पूरा मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम देवी नवागांव का है। यहां की रहने वाली सावित्री बाई निषाद (38) सोमवार सुबह 8 बजे अपने घर से निकली थी। शाम 6 बजे घर से करीब 500 मीटर दूर तांदुला नदी किनारे अरहर के खेत की झाड़ियों में उसका शव मिला। शव संदिग्ध मिलने के बाद रात में बालोद पुलिस के जवानों की नदी किनारे पूरी रात ड्यूटी लगाई गई। मंगलवार सुबह 9 बजे फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव का परीक्षण किया। जांच के दौरान महिला के गले में साड़ी फंसी हुई मिली। साड़ी के अंदर कपड़े की रस्सी तीन बार घुमाकर बंधी हुई थी। कसकर बंधी रस्सी को देखकर पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए हत्या के एंगल से जांच शुरू कर दी है। चप्पल उल्टा पड़ा था, हाथ में दबी मिली मिट्टी मौके पर शव का परीक्षण करने पहुंची पुलिस ने देखा कि सावित्री की चप्पल पास में ही उल्टी पड़ी हुई थी। एक हाथ की चूड़ी टूटी हुई थी। वहीं दूसरे हाथ की मुट्ठी में जमीन की घास और मिट्टी दबी मिली। इससे ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं। मृतका के परिजनों का कहना है कि सावित्री ने मरने से पहले काफी संघर्ष किया होगा। उसके सिर और हाथ में खरोंच के निशान नजर आ रहे हैं। खेत में पड़ी थी, हमने सीधा किया – धर्मेंद्र निषाद मृतका के पति धर्मेंद्र निषाद ने बताया कि वह सुबह 9 बजे तालाब से नहा कर घर लौटे और अपनी बेटियों से सावित्री के बारे में पूछा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटी तो रिश्तेदारों के यहां भी पता किया गया। ढलती शाम गांव की महिलाओं ने घर आकर सूचना दी। धर्मेंद्र ने बताया कि वह गांव के तिलक राम निषाद के साथ मौके पर पहुंचे। वहां सावित्री उल्टी पड़ी हुई थी। उन्हें पलटाने पर उसका हाथ अकड़ा हुआ मिला, जिससे लगा कि उसकी मौत हो चुकी है। इसके बाद सबसे पहले गांव के सरपंच को सूचना दी गई। रात भर शव की सुरक्षा में नदी किनारे डटे रहे जवान बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा के निर्देश के बाद बालोद थाना के पुलिस जवान रात भर तांदुला नदी किनारे झाड़ियों के पास अलाव के सहारे शव की सुरक्षा में डटे रहे। सुबह फॉरेंसिक टीम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं साइबर टीम इलाके में छानबीन और लोकेशन डंप करने में जुटी रही। मानसिक रूप से कमजोर थी, जल्दी भूल जाती थी मृतका के भाई अश्वनी निषाद पुलगांव (दुर्ग) के पार्षद हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बहन मानसिक रूप से कमजोर थी। वह शांत रहती थी और उसे भूलने की आदत थी। वह ज्यादा किसी से कुछ कहती नहीं थी और अपने काम स्वयं अपने हिसाब से करती थी। घर का काम भी बिना कुछ कहे करती थी। दिमाग से कमजोर होने के कारण वह कई बार मायके पुलगांव आ जाती थी, फिर वापस अपने घर लौट जाती थी। इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उन्होंने की है। पीएम रिपोर्ट का इंतजार है, कार्रवाई जारी है – SDOP बालोद एसडीओपी बोनिफास एक्का ने बताया कि मामला संदिग्ध है। पोस्टमार्टम किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि यह हत्या है या मौत कैसे हुई है। फिलहाल ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ जारी है।


