बालोद जिले में मितानिन कार्यकर्ता अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। जिसके चलते गांव में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। वहीं टीबी कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है। दरअसल, बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी घोषणा पत्र में मितानिनों को संविलियन किए जाने और उनका मानदेय में 50 प्रतिशत बढ़ाने का वादा किया था। लेकिन सरकार में आने के बाद अब तक ये दोनों वादे पूरे नहीं हुए हैं। इसी को लेकर मितानिन प्रदर्शन कर रही हैं। मितानिन संघ के प्रदेश संगठन मंत्री मीना डोंगरे ने बताया कि उनकी मांग है कि सभी मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, ब्लॉक समन्यवक, स्वास्थ्य पंचायत समन्यवक, एरिया को-ऑडिनेटर और मितानिन हेल्प डेस्क फैसिलेटर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में संविलियन किया जाए। ताकि उन्हें भी SHRC, NGO के साथ काम करने पर आर्थिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा, जब तक मांगे पूरी नहीं होगी धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। मितानिन अश्वनी सोनबोईर सुरेखा साहू सहित चंद्रकला साहू ने बताया कि उनके पदाधिकारी 21 साल से सेवा दे रहे हैं। लेकिन अब तक उन्हें संविलियन से वंचित रखा गया है। लंबा अनुभव होने के बाद भी कम प्रोत्साहन राशि उन्हें दिया जा रहा है।


