पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया आज सोमवार को करीब 7 महीने बाद अपने शहर मजीठा जा रहे है। क्योंकि आय से अधिक संपत्ति मामला दर्ज होने के बाद से वह जेल में थे। दो तारीख को उनकी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलतने के बाद रिहाई हुई थी। वहीं, शिरोमणि अकाली दल अब इस वापसी को यादगार बनाने में जुट गया है। सुबह साढ़े नौ बजे के करीब उनका काफिला अमृतसर के लिए रवाना होगा। जगह जगह पर उनका शिरोमणि अकाली दल के नेता स्वागत करेंगे। इसके लेकर सारी तैयारियां कर ली गई है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी इस चीज को लेकर अलर्ट मोड पर है। किसी उनकी सुरक्षा में किसी भी तरह कोई कोताही न हो। पुलिस ने कल पूरे राज्य ऑपरेशन प्रहार 2.0 अगले 72 घंटे तक चलाने का फैसला लिया है। यह शेडयूल किया गया है तैयार
09.30 वह चंडीगढ़ स्थित घर से रवाना होंगे। 10.00 बजे न्यू चंडीगढ़ पहुचेंगे
10:30 बजे कराली,
11.00 बजे रोपड़ टी-पॉइंट,
11:30 बजे बलाचौर,
12:00 बजे खटकड़ कलां पहुंचेंगे। 01:00 बजे गढ़शंकर 01:30 बजे जालंधर 02:00 बजे PAP चौक,
02:30 बजे सुल्तानपुर, 03:00 बजे डिलवां,
03:15 बजे ब्यास,
03:30 बजे रईया, 04:00 बजे जंडियाला में उनका स्वागत किया जाएगा। 04:15 बजेगोल्डन गेट के रास्ते श्री अमृतसर साहिब पहुंचेंगे। जेल से आते ही अकाली दल की एकता पर जोर आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल से बाहर आने के बाद बिक्रम मजीठिया ने शिरोमणि अकाली दल और शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) को इकट्ठा करने की स्टेटमेंट मीडिया में दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए अगर उन्हें नंगे पांव ग्रुप के नेताओं के पास जाना पड़ेगा, तो वह जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सब वह राजनीति से ऊपर उठकर पंजाब के लिए करेंगे। बिक्रम मजीठिया ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल जब उनसे जेल में मिलने गए थे, तो उन्होंने भी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कहा था। हालांकि, सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने इस पर तंज कसा था। उन्होंने दलील दी थी कि पहले जीजा सुखबीर सिंह बादल और साला मजीठिया खुद ही इकट्ठे हो जाएं। मजीठिया का करीबी, विरोधी दल का प्रमुख बना बिक्रम मजीठिया का करीबी या दाएं हाथ माने जाने वाले उनके पूर्व पीए तलबीर गिल अब उनके विरोधी खेमे में हैं। कुछ दिन पहले आम आदमी पार्टी की तरफ से मजीठा हलके में एक रैली की गई थी। इसमें सीएम भगवंत मान खुद शामिल हुए थे। उन्होंने तलबीर को मजीठा हलके का इंचार्ज लगाने के साथ ही पार्टी का 2027 के लिए उम्मीदवार भी घोषित कर दिया था। तलबीर ने आम आदमी पार्टी 2024 में जॉइन की थी। वहीं, आय से अधिक संपत्ति मामले में मजीठिया के खिलाफ विजिलेंस को बयान दर्ज करवाया है। मजीठा सीट बिक्रम मजीठिया की मानी जाती है।गत साल इस सीट से मजीठिया की पत्नी गनीव कौर ने चुनाव लड़ा था और जीतकर विधानसभा पहुंची थीं। जबकि बिक्रम मजीठिया पर गत कांग्रेस सरकार ने दिसंबर 2021 में ड्रग तस्करी का केस दर्ज किया था। इसके बाद उन्होंने जमानत पर आकर नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ अमृतसर ईस्ट से चुनाव लड़ा था। लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू और बिक्रम सिंह मजीठिया दोनों ही आम आदमी पार्टी (AAP) की उम्मीदवार जीवन ज्योत कौर (जिन्हें ‘पैडवुमन’ के नाम से भी जाना जाता है) से हार गए थे। जीवन ज्योत कौर ने कुल 39,679 वोट हासिल किए थे। सिद्धू (कांग्रेस) को 32,929 वोट मिले थे और वह दूसरे स्थान पर रहे थे, जबकि मजीठिया को शिरोमणि अकाली दल की ओर से 25,188 वोट मिले थे और वह तीसरे स्थान पर रहे थे। मजीठिया व करीबी को भी जमानत मिली आय से अधिक संपत्ति मामले में पंजाब विजिलेंस ने 2025 में बिक्रम सिंह मजीठिया पर केस दर्ज किया था। इस केस में मजीठिया समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दोनों के खिलाफ चालान पेश हो चुका है। मजीठिया को जहां सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है, वहीं उनके हरप्रीत गुलाटी को मोहाली अदालत से जमानत मिल गई है। दोनों अब जेल से बाहर आ चुके हैं। वहीं, अकाली दल मजीठिया के जेल से बाहर आने को मजबूती मान रहा है। क्योंकि जिस तरह से तरनतारन उपचुनाव में पार्टी जीत नहीं पाई, लेकिन मजबूती से उभरी, उससे यह चर्चा शुरू हो गई है कि अकाली दल की वापसी हो रही है।


