धौलपुर में बिजली विभाग के बकायेदार उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से 14 मार्च 2026 को इस वित्तीय वर्ष की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत जिला मुख्यालय के साथ-साथ सैपऊ कोर्ट परिसर में माननीय न्यायाधीश रेणु गोयल की अध्यक्षता में आयोजित होगी। सैपऊ बिजली विभाग के सहायक अभियंता (AEN) पुष्पेंद्र चौधरी ने क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं से अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन बकाया राशि के कारण काट दिए गए हैं या पिछले पांच माह से बंद पड़े हैं, वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने कनेक्शन पुनः चालू करवा सकते हैं। सहायक अभियंता चौधरी ने बताया कि लोक अदालत से पहले 12 और 13 मार्च 2026 को सहायक अभियंता कार्यालय सैपऊ में प्री-कैम्प आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में उपभोक्ता अपने त्रुटिपूर्ण बिल, बकाया वीसीआर (VCR), डीसी (DC) और पीडीसी (PDC) से जुड़े मामलों का निस्तारण कराकर बिल जमा कर सकेंगे। इस लोक अदालत में विवादित डीसी और पीडीसी कनेक्शनों तथा पुराने वीसीआर मामलों में बकाया राशि एकमुश्त जमा कराने पर नियमानुसार 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, नियमित बिल जमा कराने वाले उपभोक्ता भी अपने त्रुटिपूर्ण बिलों को ठीक कराकर एलपीएस (लेट पेमेंट सरचार्ज) में लाभ प्राप्त कर सकते हैं। AEN पुष्पेंद्र चौधरी के अनुसार, सहायक अभियंता सैपऊ कार्यालय के अंतर्गत लगभग 7200 उपभोक्ताओं पर 500 रुपए से अधिक की बकाया राशि है। इन पर डीसी, पीडीसी और वीसीआर के माध्यम से कुल लगभग 20 करोड़ रुपये बकाया हैं। इन सभी उपभोक्ताओं को मजिस्ट्रेट कोर्ट सैपऊ द्वारा अंतिम नोटिस जारी किए जा चुके हैं। चौधरी ने चेतावनी दी है कि यदि 14 मार्च 2026 तक बकाया राशि जमा नहीं कराई जाती है, तो बकाया उपभोक्ताओं के खिलाफ यूडीआर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नोटिस जारी कर वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही, बकाया राशि को अन्य चालू खातों से समायोजित किया जा सकता है या चालू कनेक्शन काटकर भी वसूली की कार्रवाई की जाएगी। बिजली विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि 15 मार्च से नियमित बकायेदारों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाकर उनके कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।


