जालंधर | पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में जूनियर इंजीनियरों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स पंजाब सर्कल जालंधर ने बिजली (संशोधन) बिल के जरिए पावर सेक्टर के निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध जताया है। उनका कहना है कि प्रस्तावित संशोधन से नौकरी की सुरक्षा, सेवा शर्त, वेतन संशोधन, पेंशन लाभ और कल्याणकारी प्रावधानों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। वहीं, हड़ताल पर जाने वाले कर्मियों ने पावरकॉम प्रबंधन से डिवीजनों और सब डिवीजनों के कामों के सुचारू संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। पावरकॉम प्रबंधन सख्त, अनुपस्थिति पर वेतन कटेगा पावरकॉम प्रबंधन ने हड़ताल को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में बाधा बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारियों-कर्मियों को अपने हेड क्वार्टर पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रबंधन ने चेताया कि हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मियों पर नो वर्क-नो सैलरी सिद्धांत लागू होगा। यदि कोई कर्मी ड्यूटी से 2 घंटे भी अनुपस्थित रहा तो पूरे दिन का वेतन कटेगा।


