बिजली वितरण योजना में देरी पर कलेक्टर सख्त:180 करोड़ की योजना में सुस्त काम, कांट्रेक्टर्स को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी

राजनांदगांव के कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बिजली वितरण योजना में कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। जिले में इस योजना के तहत 180 करोड़ रुपए के कार्य चल रहे हैं। मेसर्स स्टरलिंग एंड विल्संस प्राइवेट लिमिटेड को यह काम सौंपा गया है। कलेक्टर ने समय पर काम पूरा न करने वाले कांट्रेक्टर्स को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। कार्यपालन अभियंता आरके गोस्वामी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने निराशाजनक प्रगति पर चिंता जताई थी। अब बचे 50 प्रतिशत काम को पूरा करने के लिए तीन कंपनियों – इंजीनियर्स कंबाइन, आईपी पटेल और फ्यूचर इंजीनियरिंग की मदद ली जा रही है। स्मार्ट मीटर लगाने की योजना की समीक्षा कलेक्टर ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पंप फिडर और बस्ती फिडर को अलग करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी विद्युत उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की योजना की भी समीक्षा की। सरकारी, अर्धसरकारी और नगरीय निकायों में प्राथमिकता से स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर समाधान के निर्देश बारिश के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने आंधी-तूफान से बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तुरंत मरम्मत के निर्देश दिए। बैठक में कार्यपालन अभियंता एमके साहू, कंपनियों के प्रतिनिधि बी बाला ब्रह्मम, सुबोध ठाकुर, राजेंद्र पटेल, संजय कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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