शहर के कुछ वार्डों की स्थिति बदहाल है। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 42 में स्थित इंदिरा आवास के दर्जनों परिवार आज भी बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। निगम स्तर पर कोई सुनवाई न होने से नाराज रहवासियों ने कलेक्टर जनदर्शन में ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था सुधारने की मांग की है। क्षेत्र की महिलाओं ने बताया कि वे वर्षों से शासन द्वारा बनाए गए इंदिरा आवास में रह रहे हैं। वार्ड में जीवन कोशले के घर से लेकर जगत लहरे के घर तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में न तो बिजली के खंभे हैं और न ही स्ट्रीट लाइट। शाम होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। इसी रास्ते से रोजाना मजदूरी और अन्य काम पर जाने वाली महिलाएं देर शाम घर लौटती हैं, जिन्हें अंधेरे के कारण असुरक्षा का डर सताता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्ववर्ती शासनकाल में वार्ड की सड़क बनाई गई थी, लेकिन घटिया निर्माण के कारण एक साल के भीतर ही सड़क उखड़ गई। शिकायत के बाद भी अब तक मरम्मत नहीं हुई है। बरसात में गड्ढों और कीचड़ की वजह से स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। महिलाओं ने शिकायत की है कि रास्ते में पड़ने वाले मैदान में शाम होते ही असामाजिक तत्व जमा हो जाते हैं। वहां खुलेआम शराबखोरी होती है। अंधेरे का फायदा उठाकर आने-जाने वाली महिलाओं पर छींटाकशी की जाती है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं। नगर निगम से निराश अब कलेक्टर से उम्मीद महिलाओं का कहना है कि जब वे नियमित रूप से टैक्स भर रहे हैं, तो उन्हें मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही हैं। नगर निगम में कई बार आवेदन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने कलेक्टर जनदर्शन में गुहार लगाई है। वार्डवासियों ने जल्द सड़क बनवाने और बिजली की व्यवस्था करने की मांग की है।


