बिजुरी में एक चिकित्सक के भरोसे संचालित हो रहा है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
बिजुरी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी में वर्तमान समय में स्वास्थ्य केंद्र का संचालन के लिए कोई भी चिकित्सक यहां पदस्थ नहीं है कोठी में पदस्थ चिकित्सक को यहां का अतिरिक्त कार्य सोपा गया है जिसके कारण चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना इसकी वजह से करना पड़ता है। डाक्टर योगेश धनवार जिनकी पदस्थापना कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में है लेकिन वो बिजुरी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एक चिकित्सक को दोनों चिकित्सालय देखना पड़ रहा है ऐसे में एक्सीडेन्टल केश या फिर किसी भी तरह की इमरजेंसी केश आने पर चिकित्सा के उपस्थित न रहने पर मरीज को रेफर करने की मजबूरी ही यहां रहती है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी मेंओ पी डी ने 130 से 140 मरीज प्रतिदिन और 200 तक ओ पी डी का आंकड़ा पहुंच जाता है।आई पी डी केश प्रतिदिन 30 से 40 इस चिकित्सालय में बना रहता है।
एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं, काफी इंतजार के बाद होता है उपलब्ध
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी में एंबुलेंस की व्यवस्था वर्तमान समय में नहीं है। जिसके कारण यहां पहुंचने वाले गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए 108 एंबुलेंस सेवा में फोन लगाने के आधे घंटे से 1 घंटे के बाद एंबुलेंस वाहन यहां मिल पाता है। ऐसे में कई बार समय पर चिकित्सा सेवा न मिलने की वजह से मरीज की मौत भी हो जाती है।
चिकित्सालय के उन्नयन का प्रस्ताव अभी भी कागजों में
बीते वर्ष अगस्त महीने में मुख्यमंत्री अनूपपुर में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आए हुए थे जहां कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल की मांग पर मुख्यमंत्री ने चिकित्सालय को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद से 9 महीने का समय बीत रहा है लेकिन अभी तक चिकित्सालय का उन्नयन भी नहीं हो पाया और ना ही यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था में ही कोई सुधार हुआ।


