कोटा में रेस्टोरेंट की इमारत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही की परतें उधेड़ दी हैं। प्रशासन की लापरवाही के चलते 10–15 दिनों से बिना अनुमति बिल्डिंग डिस्मेंटल का काम चलता रहा, लेकिन किसी जिम्मेदार ने मौके पर जाकर इसे रुकवाना जरूरी नहीं समझा। AEN का कहना है कि भवन निर्माण परमिशन के लिए रेस्टोरेंट संचालक ने 15-20 दिन पहले अप्लाई किया था, लेकिन उसको परमिशन नहीं दी गई, फिर भी काम जारी रहा और आखिरकार इसकी कीमत दो जिंदगियों को चुकानी पड़ी। एक कोचिंग छात्र और एक नाबालिग की मौत हो गई, जबकि दिल्ली स्पाइसी रेस्टोरेंट संचालक जहांगीर का पैर कट गया। जहांगीर चार बच्चियों का पिता है। अब उसके रोजगार का संकट हो गया है। अब हादसे के बाद प्रशासन कार्रवाई की बात कर रहा है, हालांकि, नगर निगम ने रेस्टोरेंट के आसपास की 5 अवैध बिल्डिंग मालिकों को नोटिस जारी कर दो दिन का समय दे दिया है। लेकिन सवाल यह है कि अगर समय रहते सख्ती दिखाई जाती तो क्या ये जानें बच सकती थीं? वहीं बिल्डिंग डिस्मेंटल को रेस्टोरेंट वालों ने कहा था कि काम 10-12 दिन में पूरा कर दो। 8-10 दिन पहले बिल्डिंग डिस्मेंटल काम के दौरान ड्रिल मशीन पीछे की बिल्डिंग में भी घुस गई थी। हालांकि, बिल्डिंग हादसे के बाद मुरादाबादी रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ रविवार को जवाहर नगर थाने में गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज हो गया है। जिसके बाद पुलिस फरार चल रहे आरोपी संचालक अब्दुल मुरादाबादी की तलाश कर रही है। वहीं नगर निगम ने आरोपी के खिलाफ नोटिस भी जारी कर दिया है। डीएसपी योगेश शर्मा ने बताया कि रेस्टोरेंट के कर्मचारी भूपेंद्र मीणा की शिकायत पर पास वाले मुरादाबाफी रेस्टोरेंट संचालक और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ धारा 304 ( अपराधिक मानव वध ) में मामला दर्ज किया है मामले की जांच की जा रही है। हादसे में दो की मौत हुई है, 9 अन्य घायल थे। घायलों में से कुछ को डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं, रविवार को मुरादाबादी रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ नगर निगम ने नोटिस जारी कर दिया है। आरोपी संचालक की कोटा में रेस्टोरेंट ऑनर की मुरादाबादी चिकन बिरयानी के नाम से अलग-अलग जगहों पर 6-7 सात दुकानें है। जल्द बिल्डिंग डिस्मेंटल करवाने के कारण हुआ हादसा बिल्डिंग डिस्मेंटल का काम करने वाले दिनेश लुहार ने बताया- 15-20 दिन पहले इस बिल्डिंग में काम शुरू किया था। इस बिल्डिंग को देखने मैं गया था। तब पार्टी (मुरादाबादी रेस्टोरेंट वालों) ने मुझसे कहा था कि डिस्मेंटल का काम 10 से 12 दिन में पूरा होना चाहिए। मैंने काम करने से मना कर दिया था। मैंने कहा था- यह काम 10 से 12 दिन में नहीं होगा। इस काम को करने के लिए कम से कम डेढ़ महीना चाहिए। पार्टी ने कहा था कि आप मशीन लगाकर 10 दिन में काम कर सकते हो क्या? दिनेश लुहार ने बताया- मैं जब बिल्डिंग देखने गया था। तब दोनों बिल्डिंग जर्जर हालत में थी। पार्टी ने मुझसे कहा था कि आप मशीन लगाकर 10 दिन में काम कर सकते हो क्या? तब मैंने साफ मना कर दिया था। मैं मशीन से काम नहीं करूंगा। मैं हाथ से ही डिस्मेंटल करवाऊंगा। पार्टी को बताया था कि मशीन से काम जब होता है, जब बिल्डिंग खुली होती है। आसपास या बगल में कोई दूसरी बिल्डिंग न हो। यहां अगल-बगल दोनों तरफ बिल्डिंग थी। मुझे पता लगा कि बिल्डिंग को डिस्मेंटल करने के लिए वायब्रेटर और एलएनटी का भी यूज किया है। ऐसी स्थिति में आसपास की बिल्डिंग को भी खतरा बना रहता है। पार्टी ने जल्दबाजी में मशीन से काम करवाया, जिसका परिणाम आपके सामने है। चार बेटियां, अकेले कमाने वाले भतीजे मोहमद मुकीम (24) ने बताया- चाचा जहांगीर (41) निवासी सुभाष नगर बॉम्बे योजना का हादसे में राइट पैर कट गया है। उनके चार बेटियां हैं। घर में अकेले चाचा ही कमाने वाले हैं। चाचा 2016 से रेस्टोरेंट लगाते हैं। जिस जगह हादसा हुआ, इस बिल्डिंग को 2 साल पहले ही किराए पर लिया था। मुकीम ने बताया- बिल्डिंग गिरने से मलबे में मेरी बुलेट बाइक दब गई थी। रेस्क्यू के दौरान बाइक को भी मलबे में से निकाला गया। पहले थोड़ा सा मलबा गिरा, तो सब भागने लगे भतीजे मोहमद मुकीम ने बताया- चाचा की दुकान के आगे मेरी स्टॉल है। शनिवार रात हम सभी (12 से 15 का स्टाफ) काम कर रहे थे। दुकान के आसपास चहल-पहल थी। करीब रात 9 बजे अचानक थोड़ा मलबा गिरा। मलबा गिरते ही दुकान और आसपास मौजूद लोग बिल्डिंग गिरने की कहते हुए भागने लगे। चाचा वहीं खडे़-खडे़ सिर ऊपर करके बिल्डिंग देखने लगे। अचानक 3 से 5 सेकंड में पूरी बिल्डिंग गिर गई। मेरे चाचा मलबे में दब गए। मौके पर मौजूद लोग मदद को दौड़े। बिल्डिंग के स्लेब को हटाया। चाचा का पैर मलबे में फंसा हुआ था। जैसे-तैसे उन्हें बाहर निकाला और हॉस्पिटल लेकर गए। मैं भी वहीं था। मेरे हाथ में भी फ्रैक्चर हो गया। एक महीने पहले किराए पर ली थी दूसरी दुकान मुकीम ने बताया- मुरादाबादी रेस्टोरेंट संचालक ने दो दुकानें खरीद रखी थी। जहां नॉनवेज का रेस्टोरेंट चलता था। इसी बिल्डिंग के रिनोवेशन के लिए मुरादाबादी रेस्टोरेंट संचालक ने एक महीने पहले पास की दुकान किराए पर ली थी। बिल्डिंग को डिस्मेंटल करवाने से पहले रेस्टोरेंट को किराए की दुकान में शिफ्ट किया था। 8-10 दिन पहले बिल्डिंग डिस्मेंटल काम के दौरान ड्रिल मशीन पीछे की बिल्डिंग में घुस गई थी। इसके बाद पड़ोसी बिल्डिंग मालिक के साथ बहुत सारे लोग आए और काम बंद करवा दिया। उसी दिन कुछ घंटे बाद फिर से काम चालू हो गया। उन्होंने बताया- मशीन से ड्रिल करने के कारण चाचा के रेस्टोरेंट की बिल्डिंग कमजोर हो गई। हादसे के दिन बिल्डिंग में कंपन हो रहा था। सोचा नहीं था कि ऐसा हादसा होगा। चाचा की सबसे बड़ी बेटी 9 साल की है। वहीं सबसे छोटी बेटी 1 साल की है। ये भी पढ़ें… मलबे में दबे कर्मचारी ने फोन करके मदद मांगी:रेस्टोरेंट बिल्डिंग दिन में हिली, रात में ढही; मां के साथ आए स्टूडेंट की मौत कोटा में रेस्टोरेंट की बिल्डिंग ढहने से एक स्टूडेंट सहित 2 की मौत हो गई। जिला प्रशासन के अनुसार पास की एक और रेस्टोरेंट बिल्डिंग में अवैध निर्माण किया जा रहा था। (पूरी खबर पढ़ें)


