जयपुर में हुए LPG टैंकर ब्लास्ट में 34 पैसेंजर्स से भरी स्लीपर बस भी जल गई है। इसमें सवार 34 पैसेंजर्स में से 20 झुलसे हैं। वहीं, 14 पैसेंजर्स और ड्राइवर-कंडक्टर लापता हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि LPG टैंकर ब्लास्ट की चपेट में आई इस बस के पास रोड पर चलने का परमिट भी नहीं था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट.. एक परमिट 16 महीने, दूसरा 4 महीने पहले एक्सपायर हादसे का शिकार हुई स्लीपर बस का नंबर RJ-27,PC0030 है। भास्कर ने पड़ताल ककी तो सामने आया कि इस बस का परमिट 25 अगस्त 2023 तक ही था। इसके बाद इसे रिन्यू ही नहीं कराया गया। वहीं बस का AITP(ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट) 8 जुलाई 2024 को एक्सपायर हो गया था। परमिट एक्सपायर होने का सीधा मतलब यह है कि बस को आरटीओ की ओर से रोड पर चलने की दी गई स्वीकृति खत्म हो चुकी है। हादसे के बाद से इस बस का ड्राइवर व कंडक्टर दोनों गायब हैं। इसके अलावा बस में सवार 14 अन्य यात्रियों के बारे में भी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। आरटीओ बोले- लेकिन हादसा तो एलपीजी टैंकर और ट्रेलर की वजह से हुआ दैनिक भास्कर ने परमिट एक्सपायर होने के भी बस के ऑन रोड होने को लेकर उदयपुर आरटीओ नेमीचंद पारिख से बात की। उन्होंने माना कि बस का परमिट एक्सपायर हो चुका है। फिर बोले- बस की परमिट से हादसे का कोई लेना देना नहीं है। हादसा तो एलपीजी टैंकर और ट्रेलर की वजह से हुआ है। हालांकि उन्होंने दबे स्वर में कहा कि बस का परमिट पहले ही पूरा हो चुका है। इसके बस ऑपरेटर ने उसे रिन्यू नहीं कराया है। फिर कहा- मामले में बस ऑपरेटर से बात करेंगे। रात को 9 बजे रवाना होती है बस भास्कर ने मामले में बस के मालिक अब्दुल सलीम खान से भी बात की। उसने तर्क दिया कि वह बस नहीं भेजता है। कल ही उसने बस सवारी में भेजी थी। बस का मालिक भले तर्क दे रहा है कि हादसे का शिकार हुई बस काे रोड पर नहीं उतारा जा रहा था, लेकिन हकीकत बिल्कुल अलग है। भास्कर ने ऑनलाइन चेक किया तो सामने आया कि इस बस को लगातार बुकिंग पर चलाया जा रहा था। कल भी इस बस में 34 सवारियां थी। इसमें से 33 लोगों को जयपुर आना था। इसके साथ ही इस बस में रास्ते से भी सवारी उठाई गई थी। जिसका आंकड़ा नहीं है। यह बस पिछले 5 महीने से रोजाना सड़क पर दौड़ रही है। बस की ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी की जा रही थी। हमेशा रात को 9 बजे यह उदयपुर के उदयापोल से सवारियों को लेकर रवाना होती है। इसके नाथद्वारा, राजसमंद, कामली घाट, भीम, ब्यावर, अजमेर में स्टैंड है। बस सुबह 6:30 बजे जयपुर पहुंच जाती है। शुक्रवार को अजमेर रोड पर जयपुर पहुंचने से आधे घंटे पहले ही बस हादसे का शिकार हो गई। बाकी के दस्तावेज सही हालांकि भास्कर ने आरटीओ की साइट पर बस के दूसरे दस्तावेज जांचे तो वो सभी सही मिले। बस की रजिस्ट्रेशन डेट 26 अगस्त 2015 बताई हुई है। फिटनेस 31 अक्टूबर 2025 तक वेलिड है। टैक्स वेलेडिटी 31 दिसंबर 2024 तक है। साथ ही बस की इंश्योरेंस वेलिडिटी 29 अक्टूबर 2025 तक बताई गई है। जयपुर पहुंचने से 30 मिनट पहले जली बस लेकसिटी ट्रैवल की बस गुरुवार रात 9 बजे उदयपुर से निकली थी। बस को सुबह करीब 6.30 बजे जयपुर पहुंचना था, लेकिन 5.45 मिनट पर ही हादसे का शिकार हो गई। बस के पैसेंजर ने बताया कि अचानक ही बस में आग लग गई थी। बस का मेन गेट भी लॉक हो गया था। इस कारण लोगों को बाहर निकलने में देर हुई और कई लोगों की मौत हो गई। बस का ड्राइवर इस हादसे में सबसे पहले चपेट में आया। मौके पर 2 से 3 किलोमीटर के एरिया में सड़क पर जो भी वाहन थे, वे सभी इस आग की चपेट में आ गए। इसके बाद करीब एक घंटे तक धमाके सुनाई दिए। जानिए कैसे हुआ हादसा


