कोटा में अवैध बिल्डिंगे तो बन कर खड़ी हो ही गई, बिना सुरक्षा इंतजामों के शहर में रेस्टोरेंट, ढ़ाबे व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालित भी हो रहे है। लेकिन अब तक निगम के संबधित विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं गया। तीन मंजिला बिल्डिंग के ढ़हने के बाद अब कोटा निगम का अग्निशमन विभाग शहरभर में जांच कर रहा है। ज्यादातर जगहों पर टीमों को सुरक्षा खामियां मिल रही है। लेकिन हर बार की तरह सिर्फ नोटिस देकर इतिश्री की जा रही है। जबकि शहर में प्रतिष्ठानों में आग लगने के मामले लगातार सामने आ रहे है और वहां पर जांच में खामियां भी पाई जाती रही है। लेकिन इसके बाद भी निगम की टीमें हादसे का इंतजार करती है। इन्द्र विहार में हुए हादसे के बाद अग्निशमन विभाग की अलग अलग टीमें शहर में होटल, ढ़ाबे व रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण कर रही है। पिछले दो दिन में करीब सौ नोटिस टीमें जारी कर चुकी है। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि निगम की टीम एक ओर शहर में जीर्ण-क्षीर्ण भवनों और निर्माणाधीन भवनों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी और अग्निशमन अनुभाग को रेस्टोरेंट और ढाबों की जांच में लगाया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास की नेतृत्व में छह अलग-अलग टीमे शहर भर में चैकिंग कर रही है। तलवंडी, विज्ञान नगर, रानपुर, दादाबाड़ी, नया कोटा, स्टेशन, छावनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में रेस्टोरेंट और ढाबों पर अग्निसुरक्षा उपायों की जांच की जा रही है। राकेश व्यास ने बताया कि दो दिन में करीब सौ रेस्टोरेंटस और ढ़ाबे ऐसे सामने आए जहां अग्निशमन सुरक्षा उपाय नहीं मिले। एक दिन पहले ही पचास नोटिस जारी किए गए है। जांच में लगातार अनियमितता सामने आ रही है। इनके संचालकों को पाबंद किया गया है कि जल्द से जल्द नियमानुसार अग्निसुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि अगर नोटिस देने के बाद अब यहां पर जांच के दौरान आग से बचाव के कोई बंदोबस्त नहीं मिले तो इन्हें सीज किया जाएगा।


