भास्कर न्यूज | कोंडागांव जिले के आदिम जाति सहकारी सेवा समिति मुनगापदर द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकान में राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो से तीन महीनों से पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा प्रदत्त राशन नियमित रूप से नहीं मिल रहा है। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण राशन दुकान पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार कई दिनों से दुकान के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनके राशन कार्ड में दर्ज चावल एवं अन्य खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जा रहा है। कई हितग्राहियों ने बताया कि दुकान संचालक समय पर दुकान नहीं खोलता, जिससे दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों को बार-बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राशन हितग्राही सनतराम मंडावी ने बताया कि लंबे समय से राशन व्यवस्था अस्त-व्यस्त है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उप सरपंच पीला सिंह पोयम ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि समय पर राशन वितरण सुनिश्चित नहीं किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। नामबती बाई और रंजीत बघेल सहित अन्य ग्रामीणों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच के लिए टीम भेज दी गई है। यदि दुकान संचालक दोषी पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीण नियमित और पारदर्शी राशन वितरण सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े हुए हैं।


