भास्कर न्यूज|गुमला आकांक्षी प्रखंड डुमरी क्षेत्र की करणी पंचायत इन दिनों अवैध ईंट निर्माण का केंद्र बनी हुई है। यहां सरकारी नियमों और पर्यावरणीय मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए ईंट भट्ठों का संचालन खुलेआम फल-फूल रहा है। प्रखंड में आधा दर्जन अवैध ईंट भट्ठा संचालित है। ग्रामीणों ने इस अवैध कारोबार का खुलासा करते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पंचायत क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से बिना किसी वैध लाइसेंस या अनापत्ति प्रमाण पत्र के ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। इन भट्ठों से निकलने वाला जहरीला धुआं न केवल वायु प्रदूषण फैला रहा है, बल्कि आसपास की उपजाऊ भूमि को भी बंजर बना रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ईंट माफिया बेखौफ होकर सरकारी संपदा का दोहन कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में कई बार संबंधित अधिकारियों को मौखिक और लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं।बावजूद इसके, अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की इस चुप्पी से ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होना, कहीं न कहीं विभाग और माफियाओं की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
अवैध रूप से संचालित ये भट्ठे कृषि योग्य भूमि के पास स्थित हैं। कोयले और अन्य प्रदूषणकारी तत्वों के जलने से निकलने वाली राख फसलों पर जम रही है, जिससे पैदावार प्रभावित हो रही है। वहीं छोटे बच्चों और बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारियां बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि हम कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिलता है। अगर जल्द ही इन अवैध भट्ठों को बंद नहीं किया गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अब देखना यह है कि आकांक्षी प्रखंड की इस पंचायत में फल-फूल रहे अवैध कारोबार पर जिला प्रशासन कब नींद से जागता है और क्या दोषियों पर कोई कड़ी कार्रवाई की जाती है। कम ऊंचाई व अस्थिर संरचना वाले ईंट भट्ठा से धुआं ठीक से ऊपर नहीं फैलता और आसपास के गांव व खेत प्रभावित होते हैं। ईंट भट्ठों से निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और धुएं के कारण आम की फसल में मुख्य रूप से ब्लैक टिप या कोयलिया रोग लगता है। यह एक प्रकार का दहिक विकार है, जिसमें फल का अगला हिस्सा काला पड़कर सख्त हो जाता है और फल खाने योग्य नहीं रहता। उक्त मामले पर जिला खनन पदाधिकारी विभूति प्रसाद ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। नगर निकाय चुनाव को लेकर व्यस्तता के कारण स्थल का निरीक्षण नहीं किया जा सका। चुनाव के बाद स्थल निरीक्षण के उपरांत जो भी दोषी पाये जाएंगे, विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।


