बिना वोटिंग लौटे परिवार, एक नागपुर से आया था:परिसीमीन से 4 लाख वोटर प्रभावित, परेशान लोग बोले- आयोग की ये कैसी तैयारी..?

परिसीमन के कारण 4 लाख से ज्यादा वोटरों का वार्ड या उसका क्रमांक बदल गया है। इसका असर मतदान के दौरान नजर आया। सैकड़ों वोटरों के मतदान केंद्र बदल गए। ऐसे में उन्हें मतदान केंद्र ढूंढने में परेशानी हुई। इंद्रावती कालोनी में रहने वाले अधिवक्ता हितेंद्र तिवारी और उनका परिवार पं. रविशंकर शुक्ल वार्ड में रहता है। वे हर बार नूतन स्कूल में वोटिंग करते हैं।
इस बार उनका नाम ही नहीं था। उन्होंने शांति नगर स्कूल, बीपी पुजारी स्कूल सहित वार्ड के अन्य सभी मतदान केंद्रों में पहुंचकर अपना नाम ढूंढा लेकिन कहीं नहीं मिला। अंत में पूरा परिवार वोट नहीं डाल सका। उन्होंने बताया कि एक परिवार वोट देने के लिए ही नागपुर से आया था। वे भी वोट नहीं कर सके। उनके आसपास रहने वाले 20 लोगों के भी नाम गायब हैं। हितेंद्र तिवारी रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें वोटिंग के अधिकार से वंचित किया गया है। इसके खिलाफ वे हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेंगे।
आनंद समाज वाचनालय के मतदान केंद्र के पास बैठे एजेंट ने बताया कि सुबह से लोगों को अपने नाम ढूंढने में दिक्कत हुई। कई लोग जो आनंद समाज वाचनालय में वोट देते रहे हैं, उनके नाम सरस्वती स्कूल में हो गया है। वहां वोट डालने वाले यहां आकर पूछते रहे। महंत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड से निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी पुष्पराज यादव ही वोट नहीं डाल पाए। उनका नाम वोटिंग लिस्ट से गायब था। मां ने किया मतदान, बेटी वापस लौटी
भनपुरी, खमतराई, गुढ़ियारी, गोगांव समेत कई इलाकों के बूथ में लोग भटकते मिले। उन्होंने बताया कि इस बार परिसीमन के बाद परिवार वालों का बूथ बदल गया है। पूनम पांडे ने बताया कि वह सुबह 10 बजे अपनी मां के साथ वोट देने आई थी। एक घंटे खोजने के बाद भी उसका नाम नहीं मिला। जबकि उसकी मां का नाम था। बाद में उसे पता चला कि वोट डालने के लिए उसे एक किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा। ढेबर व गिदवानी समर्थक भिड़े
राजधानी के भगवती चरण शुक्ल वार्ड में एजाज ढेबर और गिदवानी के समर्थकों में मामूली झड़प हुई। 5 बजे के बाद कुछ लोगों को एंट्री देने की बात पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में तनातनी का माहौल हो गया। इस बीच एजाज ढेबर को कार्यकर्ताओं ने कंधे पर उठा लिया। ये देखकर भाजपा पार्षद प्रत्याशी अमर गिदवानी के समर्थकों ने भी उन्हें कंधे पर उठा लिया। गिदवानी का आरोप था कि ढेबर ने 40-50 लोगों को पैसों से खरीदकर अंदर ले जाकर वोट डलवाया है। पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला है। मैं इसकी शिकायत करुंगा। वहीं ढेबर ने कहा कि उनके पास क्या सबूत है कि मेरे साथ 40-50 लोग अंदर गए। हमारे पास वीडियो है कि मैं अकेला अंदर गया। गिदवानी खुद समय खत्म होने के बाद 4-5 लोगों को अंदर लेकर गए हैं। हमारे लोगों ने कहा कि हमारे भी 2 आदमी जाएंगे तो उन्होंने विरोध किया। सप्रे में एक घंटे बंद रही मशीन
सप्रे स्कूल में करीब 1 घंटे तक ईवीएम मशीन बंद रही। कई लोग बिना वोट डाले ही लौट गए। यहां शाम 5 बजे स्कूल का गेट बंद करने को लेकर विवाद भी हुआ। इस इलाके के पार्षद प्रत्याशियों का कहना था कि उनके मतदाताओं को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है। जबकि पुलिस जवानों का कहना था कि 5 बजे के बाद आए सभी लोगों को वापस भेजने का आदेश है। प्रत्याशियों का कहना था कि यहां मशीन 1 घंटे तक बंद रही।

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