बिलासपुर रेंज के IG रामगोपाल गर्ग ने 3 फरवरी को मुंगेली जिले का दौरा किया। उन्होंने सबसे पहले चाना जरहागांव थाने का निरीक्षण किया। इसके बाद, उएसपी ऑफिस में नवनिर्मित प्रशिक्षण भवन का लोकार्पण किया। निरीक्षण के दौरान, आईजी गर्ग ने थाने के रजिस्टरों की जांच की। उन्होंने थाना प्रभारी, विवेचकों और मुहर्रिर को निगरानी एवं गुंडा बदमाशों की चेकिंग कर रोजनामचा में स्पष्ट उल्लेख करने के निर्देश दिए। साथ ही, तख्ती में प्रविष्टि करने, थाना परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने, रजिस्टर अद्यतन रखने और सीसीटीएनएस व साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए। लोकार्पण के बाद ली समीक्षा बैठक लोकार्पण के बाद एसपी ऑफिस के संवाद सभाकक्ष में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलेक्टर कुंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। आईजी रामगोपाल गर्ग ने बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करना, अपराध की रोकथाम में साइबर क्राइम तकनीक का अधिक उपयोग करना और आम नागरिकों से मिलकर बीट प्रणाली के माध्यम से सूचनाएं एकत्र करना शामिल है। बेसिक पुलिसिंग पर ध्यान देने के निर्देश IG ने ‘सशस्त ऐप’ का उपयोग कर चोरी हुए वाहनों की पतासाजी और बरामदगी पर जोर दिया। इसके अलावा जिले के सभी थाना/चौकियों में ‘अनुभव’ नामक क्यूआर कोड के माध्यम से आम जनता से पुलिस के प्रति फीडबैक लेने और बेसिक पुलिसिंग पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए। असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश क्राइम मीटिंग के दौरान, जिले में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने हेतु सभी थाना/चौकी प्रभारियों को नियमित गश्त और पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए। आदतन अपराधियों और निगरानी बदमाशों पर सतत नजर रखने, रात्रि में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। बीट प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए, प्रत्येक तीन ग्रामों में एक आरक्षक का चयन कर ग्रामों में होने वाली घटनाओं की जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए। सभी थाना/चौकी प्रभारियों को गंभीर मामलों में स्वयं विवेचना कर शीघ्र कार्रवाई करने की हिदायत भी दी गई।


