बिलासपुर नगर निगम ने राजस्व वसूली का तोड़ा रिकार्ड:पहली बार 100 करोड़ तक पहुंचेगा आंकड़ा, स्पैरो कंपनी से 60% ज्यादा टैक्स की हुई वसूली

बिलासपुर के इतिहास में पहली बार नगर निगम 100 करोड़ राजस्व वसूलने के करीब पहुंच गया है। पुराने अपने सभी रिकार्ड को तोड़ते हुए नगर निगम ने 31 मार्च तक समस्त राजस्व आय में 5% तक की वृद्धि करते हुए 90 करोड़ 11 लाख की वसूला है। शासन द्वारा कर भुगतान में एक माह 30 अप्रैल तक दिए छूट के बाद यह आंकड़ा 100 करोड़ तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सभी आरआई और एआरआई की मीटिंग लेकर 30 अप्रैल तक सभी टैक्स वसूली पूरा करने के निर्देश दिए। पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने संपत्तिकर, समेकित यूजर चार्ज, भूखण्ड,दुकान, नीलामी, किराया समेत अन्य स्त्रोत को मिलाकर 87 करोड़ की वसूल किया था। लेकिन, इस साल पूर्व निर्धारित तिथि 31 मार्च तक 90 करोड़ 11 लाख की वसूली की है। खास बात यह है कि राजस्व का मुख्य आधार संपत्तिकर, समेकित और यूजर चार्ज को मिलाकर 56 करोड़ 5 लाख वसूला गया है जो पिछले साल की अपेक्षा 41 प्रतिशत अधिक है। 30 अप्रैल तक 50% तक आंकड़ा पहुंचने की उम्मीद
30 अप्रैल तक आंकड़ा 50% तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले साल इन तीनों को मिलाकर 40 करोड़ की वसूली की गई थी। हर साल दुकान ,भूखण्ड, किराया समेत अन्य स्त्रोत को मिलाकर आंकड़ा औसतन 80 करोड़ के आसपास तक पहुंचता था। लेकिन, इस बार इन स्त्रोतों से कम बल्कि मुख्य राजस्व से अधिक वसूली हुई है, जिसे अकेले निगम के राजस्व अमले ने वसूला है। बता दें कि पिछले साल तक निजी कंपनी स्पैरो और कुछ क्षेत्रों में निगम वसूलता था, जिसके बाद भी वसूली में वृद्धि नहीं ला सके थे। स्पैरो के क्षेत्र में 60% अधिक वसूली
नगर निगम ने टैक्स वसूली का जिम्मा स्पैरो कंपनी को दिया था, जिसके लिए लाखों रुपए खर्च भी किए गए। लेकिन, टैक्स वसूली में स्पैरो कंपनी सफल नहीं हो सकी। जिन क्षेत्रों में स्पैरो कंपनी को टैक्स वसूली करने का काम दिया गया था। वहां से अब तक निगम के अमले ने इस साल औसत 60% बढ़ोतरी की है। अभियान और मॉनिटरिंग से मिली सफलता
पहली बार 100 करोड़ वसूली के करीब पहुंचे नगर निगम ने करीब 8 माह पूर्व से ही निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश में अभियान शुरू कर दिया था। डोर टू डोर संपर्क, शिविर, बड़े बकायादारों से सख्ती और नवाचार के साथ ही ऑनलाइन सुविधा से निगम अपने लक्ष्य के करीब पहुंचा है। राजस्व वसूली को एक प्रकार से अभियान का रूप देते हुए लगातार मॉनिटरिंग की गई।

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