बिलासपुर भेजी गई कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी:चुनावी विवादों की होगी जांच, रिपोर्ट के बाद होगा कार्रवाई का फैसला

बिलासपुर में विधायक अटल श्रीवास्तव और जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी के विवाद और चुनाव के दौरान आई शिकायकतों की जांच के लिए बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी आज बिलासपुर रवाना हुई है। ये कमेटी स्थानीय स्तर पर हुए विवादों की जांच कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी कोटा विधानसभा क्षेत्र से विधायक अटल श्रीवास्तव के खिलाफ हुई शिकायत को लेकर तथ्य जुटाएगी। बिलासपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के बीच का झगड़ा खुलकर सामने आया था। जब विजय केशरवानी ने, कोटा विधायक पर उन्हें चपरासी कहने का आरोप लगाया था। जिलाध्यक्ष ने पार्टी से बाहर निकालने की मांग की थी जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर कहा कि, पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव के सामने अपनी ही पार्टी के जिलाध्यक्ष के प्रति जनप्रतिनिधि ने अशोभनीय टिप्पणी की। संगठन के जिला प्रमुख को चपरासी कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह संगठन की अवमानना और अनुशासन हीनता के दायरे में आता है। निकाय चुनाव के बाद हुआ था विवाद नगरीय निकाय चुनाव के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने भीतरघात और खुलाघात करने वाले नेता और कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है। जिसमें प्रदेश प्रवक्ता अभयनारायण राय, प्रदेश सचिव त्रिलोक श्रीवास, महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव सीमा पांडेय सहित अन्य नेता शामिल है। अब कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव को पार्टी से निष्कासित करने की अनुशंसा की गई है। जिसके बाद जिलाध्यक्षों के अधिकार को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही जिलाध्यक्षों के बेलगाम होकर कांग्रेस पार्टी को खराब करने का आरोप लगा रहे हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर गठित इस कमेटी में तीन वरिष्ठ नेता शामिल हैं: कमेटी के सदस्य आज बिलासपुर रवाना हो गए हैं, जहां वे स्थानीय नेताओं एवं कांग्रेस पदाधिकारियों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति का आकलन करेंगे। वे विवाद से जुड़े सभी पक्षों से बातचीत कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपा जाएगा। हाल ही में बिलासपुर कांग्रेस में गहरे मतभेद सामने आए थे, जिससे पार्टी संगठन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। पार्टी के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई और नेतृत्व के फैसलों पर उठे सवालों के बाद यह जांच समिति गठित की गई है। कमेटी मामले की पूरी जांच करेगी और संगठन के हित में उचित निर्णय लेने के लिए अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

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