बिलासपुर में मंगलवार की रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान के गोदाम में भीषण आग लग गई, जिससे गोदाम में रखे AC, कूलर समेत इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर राख हो गए। आसपास के लोगों के साथ चार दमकल की मदद से करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बिजली की शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना में लाखों का सामान जलने की आशंका है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। टीआई विवेक पांडेय ने बताया कि करबला रोड पर इलेक्ट्रॉनिक बर्ड के पर पर दुकान है। दुकान से कुछ दूरी पर ज्वाली पुल के पास मोहन परिसर में संचालक ने गोदाम बनाया है, जहां AC, कूलर समेत इलेक्ट्रॉनिक आइटम को रखा गया है। मंगलवार की देर शाम दुकान और गोदाम में कर्मचारी काम कर रहे थे। इस दौरान दुकान में ग्राहक भी थे। इधर, गोदाम में भी कुछ लोग मौजूद थे। शाम करीब सात बजे कर्मचारियों ने दुकान से धुआं निकलते देखा। उन्होंने इसकी जानकारी दुकान संचालक को दी। लेकिन, तब तक देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया और धुएं के गुबार के साथ आग की तेज लपटें उठने लगी। एक के बाद एक कर पहुंची दमकल दुकान संचालक ने इसकी जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। जिसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। एक-एक कर दो दमकल मौके पर पहुंच कर आग को काबू में करने का प्रयास किया। लेकिन, आग भीषण हो चुकी थी। इस दौरान चार दमकल की मदद से करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू में किया गया। पुलिस को आशंका है कि शॉर्ट सर्किट से गोदाम में आग लगी होगी। दुकान संचालक ने नुकसान की जानकारी नहीं दी है। बताया गया है कि इस घटना में दुकान संचालक को लाखों का नुकसान हुआ है। संकरी गली में दुकान और गोदाम कोतवाली क्षेत्र के तेलीपारा स्थित फोम के गोदाम में कुछ दिन पहले आगजनी की घटना सामने आई थी। रिहायशी इलाकों के साथ ही संकरी गली में दुकान और गोदाम बना लिया गया है, जहां हादसा होने पर सुरक्षा के कोई उपाय भी नहीं किए गए हैं। जिस गोदाम में मंगलवार की रात आग लगी थी, वहां तक आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड पहुंचने में काफी दिक्कतें हुई। वहीं, दमकलकर्मियों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गोदाम में फायर सेफ्टी सिस्टम की व्यवस्था तक नहीं थी। इसी तरह आसपास के दुकान संचालकों के पास भी यह सुविधा नहीं है। गोदाम के ऊपर रहते थे दो परिवार गोदाम के ऊपरी मंजिल में दो परिवार के लोग भी निवासरत हैं। जिस समय आगजनी की घटना हुई, तब परिवार के सदस्य वहां मौजूद थे। हालांकि, धुआं उठते देखकर परिवार के लोग आननफानन में बाहर निकल गए। जिसके चलते कोई भी सदस्य हताहत नहीं हुआ। माना जा रहा है कि गोदाम में देर रात आग लगती तो हादसा भयावह हो सकता था। तपिश के कारण भीतर जाना भी मुश्किल ग्राउंड फ्लोर पर स्थित गोदाम में आग लगी थी। वेंटिलेशन नहीं होने के कारण आग की लपटें और तपिश कॉम्प्लेक्स के भीतर थी, जिससे फायर ब्रिगेड को भीतर जाने में काफी मुश्किलें आ रही थीं। कॉम्प्लेक्स जितना बड़ा है, उसके लिहाज से पार्किंग भी नहीं है, जबकि यहां से ही एंट्रेंस है। इस वजह से सामने से जाना संभव नहीं था, इसलिए दीवार तोड़ने का फैसला लिया गया। आग लगने के कारण एसी का गैस लीक हुआ, जिससे आग और धधक रही थी। JCB से तोड़नी पड़ी दीवार तीन मंजिला भवन में टीएनसीपी और फायर नॉर्म्स का उल्लंघन किया गया था, इसलिए आग बुझाने के लिए जेसीबी से चार जगहों पर दीवार तोड़ी गई। तब जाकर दमकल कर्मियों को आग बुझाने में मदद मिली। इसके चलते आग को बुझाने में चार घंटे से ज्यादा समय लगा। होम गार्ड्स और SECL की डेढ़ दर्जन ज्यादा गाड़ियों की मदद से आग बुझाई गई।


