बिलासपुर में कछुओं की मौत पर हाईकोर्ट की सख्ती:हरकत में आया वन विभाग का अमला, महामाया मंदिर ट्रस्ट ने कराया कुंड की सफाई, कर्मचारियों से पूछताछ

बिलासपुर जिले के धर्म नगरी रतनपुर स्थित महामाया मंदिर कुंड में 30 कछुओं की मौत पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है, जिसके बाद वन विभाग का अमला जांच में जुट गया है। कहा जा रहा है कि महामाया मंदिर ट्रस्ट ने कुंड की सफाई कराई और जाल डालकर मछलियों को निकलवाया है। इसी दौरान कछुओं की भी मौत होने की बात कही जा रही है। हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट पर कलेक्टर और मंदिर ट्रस्ट पर नाराजगी जताई। साथ ही उन्हें शपथपत्र के साथ जवाब देने का आदेश दिया है। इधर, हाईकोर्ट की संख्ती के बाद गुरुवार को वनमंडल का उड़नदस्ता दल मंदिर पहुंचा। इस दौरान वहां के तीन सुरक्षाकर्मी और दो सफाईकर्मियों से पूछताछ कर बयान दर्ज किया गया। हालांकि, बयान में उन्होंने किस तरह की जानकारी दी, इसे विभाग स्पष्ट नहीं कर रहा है। कहा जा रहा है कि मंदिर ट्रस्ट के कहने पर उन्होंने कुंड में जाल डालकर मछलियां निकाली थी। वन विभाग पर दोषियों को बचाने का आरोप
दरअसल, कछुओं की मौत का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किया है। जबकि, स्पष्ट है कि कुंड से कछुओं को निकाला गया है, जिससे उनकी मौत होने की बात कही जा रही है। इस पूरे मामले में वन विभाग के अफसर व कर्मचारियों की भूमिका सवालों के घेरे में है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद निकाला सीसीटीवी वीडियो
इस घटना के बाद वन विभाग ने सीसीटीवी वीडियो की भी जांच की, जिसमें कुंड से मछली निकालकर बोरे में लेकर जाते युवक नजर आ रहे हैं। बोरे में कछुओं को भी छिपाकर रखने की आशंका जताई जा रही है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद गुरुवार को उड़नदस्ता दल का सहयोग भी लिया गया। दल के सदस्य रतनपुर पहुंचे। इस दौरान तीन सुरक्षाकर्मी व दो सफाई कर्मियों से पूछताछ की। उनका बयान भी लिया गया। उनके बयान से कुछ अहम सुराग भी मिले। दम घुटने से हुई कछुओं की मौत
वन विभाग ने कछुओं का पोस्टमार्टम कराया है। पीएम रिपोर्ट में कछुओं की मौत दम घुटने से होने की पुष्टि हुई है। माना जा रहा है कि कुंड में जिस जाल को डाला गया, उसकी जाली पतली थी। जब कछुए इसमें फंसे होंगे तो बाहर निकलने के चक्कर में जाल में फंस गए, जिससे उनका दम घूट गया होगा।

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