बिलासपुर में खून से लथपथ मिली युवक की लाश:सिर और गले में हैं चोंट के निशान, लोगों ने जताई हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

बिलासपुर में एक युवक की खून से लथपथ लाश मिली है। उसके सिर और गले में चोंट के निशान देखकर उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अब तक यह नहीं पता चल सका है कि युवक की हत्या क्यों और किसने की। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूरा मामला सिरगिट्‌टी थाना क्षेत्र की है। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि सोमवार की सुबह सिरगिट्‌टी के बन्नाक चौक के पास पौनी पसारी योजना के तहत बने चबूतरों के पीछे युवक की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। लोगों ने शव को देखकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव का पंचनामा के दौरान मृतक की पहचान करने की कोशिश की। लोगों से पूछताछ में पता चला कि सिरगिट्‌टी का रहने वाला शिव नायक (45) करीब 15 साल से घर छोड़कर वहीं, चबूतरे के पास रहता था। वह वहीं, आसपास काम करता और रात बिताता था। सिर और गले पर चोंट के निशान, हत्या की आशंका
पुलिस ने शव की जांच की, तब पता चला कि उसके सिर में भारी वस्तु से चोंट और गले में धारदार हथियार के निशान मिले हैं। इसके चलते पुलिस युवक की मौत को संदिग्ध मान रही है। युवक की हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक पुलिस यह पता नहीं कर पाई है कि युवक की हत्या किसने और क्यों की। इसकी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस देर रात आसपास घूमने वालों की तलाश कर रही है। साथ ही आसपास के संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है। मौत रिपोर्ट से होगा मौत के कारणों का खुलासा
सीएसपी निमितेश सिंह ने कहा कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही युवक के मौत के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल, पुलिस मर्ग कायम कर सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। नशेड़ियों का अड्‌डा बना मार्केट
जिस जगह पर युवक की लाश पड़ी थी, वहां नशे के सामानों के पैकेट्स, शराब की शीशियां, पॉलिथीन, गिलास पड़े थे। लोगों ने बताया कि यह मार्केट नशेड़ियों का अड्‌डा बन गया है। शाम होने के बाद देर रात तक बदमाश यहां शराब और नशा करने पहुंचते हैं। पुलिस की टीम न तो मार्केट के पास गश्त करती है और न ही नशेड़ियों की धरपकड़ करती है। पुलिस की उदासीनता और निष्क्रियता के चलते नशेड़ी युवकों का हौसला बढ़ गया है। लोगों के आरोपों पर पुलिस का पक्ष जानने के लिए टीआई रजनीश सिंह को कॉल किया गया। लेकिन, उनका फोन बंद मिला।

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