बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने जिले की बैंकों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। मंगलवार को डीएलसीसी की त्रैमासिक बैठक में कई गंभीर मुद्दे सामने आए। कैनरा बैंक की सीपत शाखा पर महिला समूहों से दुर्व्यवहार का मामला उजागर हुआ। कलेक्टर ने एलडीएम दिनेश ऊरांव को इसकी जांच का आदेश दिया है। पिछले साल जिले में 13 नई बैंक शाखाएं खोलने का निर्णय लिया गया था। इनमें से केवल तीन स्थानों- दगोरी, सेन्दरी और भरनी में ही शाखाएं खुली हैं। शेष 10 स्थानों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरसेटी से प्रशिक्षित 1100 युवाओं में से मात्र 3 को ही बैंक लोन मिला है। कलेक्टर ने इस पर गंभीर चिंता जताई। साथ ही डेयरी और मछलीपालन के लिए ऋण वितरण में लापरवाही पर भी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने बताया कि राज्य की डेयरी महासंघ का एनडीडीबी के साथ समझौता हुआ है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को अधिक ऋण देने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी बैंकों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, आरबीआई और नाबार्ड के प्रतिनिधि, सभी बैंकों के प्रबंधक और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।


