बिलासपुर में आज 175 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ। इस दौरान एक भावुक और प्रेरक संयोग सामने आया है, जहां एक ही सामूहिक विवाह योजना ने पिता और बेटी, दो पीढ़ियों के जीवन के सबसे अहम मौके की गवाह बनकर इतिहास रच दिया। लाल खदान महमंद पंचायत निवासी कुंदन पासी ने साल 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में संचालित सामूहिक विवाह योजना के तहत चिरमिरी निवासी संतोषी पासी से विवाह किया था। उस समय यह योजना उनके लिए नए जीवन की शुरुआत का सहारा बनी। समय बीता, हालात बदले, लेकिन योजना पर भरोसा बना रहा। करीब 20 साल बाद अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यकाल में उसी योजना के तहत कुंदन पासी ने अपनी बेटी का विवाह कराया। जिस मंच पर कभी वे खुद दूल्हा बने थे, आज वहीं एक जिम्मेदार पिता के रूप में बेटी की विदाई के साक्षी बने। दुल्हन से पंच तक का सफर कुंदन पासी की पत्नी संतोषी पासी, जिनकी शादी भी सामूहिक विवाह से हुई थी। आज अपने गांव की पंच हैं। उनका यह सफर बताता है कि, योजनाएं केवल आर्थिक मदद नहीं करतीं, बल्कि आत्मसम्मान, सामाजिक पहचान और भागीदारी का रास्ता भी खोलती हैं। “योजना ने हमें पहचान दी” कुंदन पासी भावुक होकर कहते हैं कि… “जिस योजना ने हमें 2005 में घर बसाने में मदद की, आज उसी ने बेटी की शादी की जिम्मेदारी आसान कर दी। ये सिर्फ सरकार की योजना नहीं, हमारे परिवार की कहानी है।” 175 जोड़ों का सामूहिक विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बिलासपुर जिले में स्व. बी.आर. यादव बहतराई स्टेडियम में जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के 175 जोड़ों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुआ। प्रदेशभर में इस योजना के तहत 6,412 जोड़ों ने दांपत्य जीवन में प्रवेश किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से वर्चुअली जुड़कर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। इस दौरान कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी शुभारंभ किया गया। योजना से मिला आर्थिक संबल शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को ₹35,000 का चेक, ₹1,000 परिवहन सहायता, विवाह के लिए वस्त्र, मंगलसूत्र और श्रृंगार सामग्री दी गई। जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं इस कार्यक्रम में विधायक धरमलाल कौशिक, दिलीप लहरिया, अटल श्रीवास्तव, महापौर पूजा विधानी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार निर्धन परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता कर रही है और यह योजना उनके लिए बड़ा सहारा बन रही है।


