बिलासपुर में पुलिस ने सट्टेबाजों के खाईवाल दिनेश टेकवानी को गिरफ्तार किया है। वो अवैध कारोबार चलाने के लिए 20 हजार रुपए सैलरी पर एजेंट रखता है। पुलिस ने उसके एक एजेंट को भी पकड़ा है। उसके पास से लैपटॉप, पांच मोबाइल, लाखों रुपए की सट्टापट्टी के साथ 8500 रुपए कैश बरामद किया है। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है। दरअसल, एसपी रजनेश सिंह ने सभी पुलिस अफसरों और थानेदारों को जुआ-सट्टा जैसे संगठित अपराध पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी शहर में बड़े पैमाने पर सट्टे का कारोबार चल रहा है। तोरवा क्षेत्र में सट्टेबाजी की लगातार शिकायतें मिल रही थी। ऐसे में पुलिस की टीम सट्टा लिखने वाले कर्मचारियों को पकड़कर खानापूर्ति कर लेती थी, जिस पर एसपी सिंह ने नाराजगी जताते हुए सट्टेबाजों के सरगना को पकड़ने कहा और सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। खुलेआम चला रहा था सट्टा चला रहा था एजेंट
बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि तोरवा के संतोषी मंदिर स्थित शंभू पान ठेला के पास सट्टा चल रहा है। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान टीम ने अनिल गंगवानी (37) पिता इंद्रजीत गंगवानी को दबोच लिया। वह खुलेआम सट्टा लिख रहा था और लैपटॉप में एंट्री भी कर रहा था। उसके पास से लैपटॉप, पांच मोबाइल, 8500 रुपए कैश और लाखों रुपए की सट्टापट्टी जब्त की गई। खाईवाल दिनेश टेकवानी भी पकड़ाया, एजेंट को 20 हजार सैलरी
पुलिस ने अनिल गंगवानी से पूछताछ की, तब पता चला कि वह दिनेश टेकवानी के लिए सट्टा लिखता है। सट्टा चलाने के लिए वो उसे हर महीना 20 हजार रुपए सैलरी देता है। उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने स्वर्ण जयंती नगर स्थित पत्रकार कॉलोनी निवासी दिनेश टेकवानी (59) पिता लक्ष्मणदास टेकवानी को भी पकड़ लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 112 बीएनएस तथा 6 क ,6 ख , 7(1), 7(2) छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।


