बिलासपुर के रिवर व्यू रोड पर स्थित शहर के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज को रात में रोशन रखने के लिए लगाया गया जनरेटर सेट एक महीने से गायब है। इसके कारण रात में बिजली गुल होने पर राष्ट्रीय ध्वज अंधेरे में डूब जाता है, जिससे उसके सम्मान पर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय ध्वज संहिता 2002 (2022 के संशोधन के बाद) के अनुसार, यदि तिरंगा रात में फहराया जाता है, तो उस पर उचित रोशनी की व्यवस्था अनिवार्य है। यह सुनिश्चित करता है कि झंडा अंधेरे में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे और उसकी गरिमा बनी रहे। जनरेटर सेट को मुख्यमंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर हटाया गया था। जांच में पता चला कि उसके पुर्जे गायब हो रहे थे, जिसके बाद उसे निकलवा दिया गया। एक महीने बीत जाने के बाद भी इसे दोबारा स्थापित नहीं किया गया है। जुलाई 2022 के संशोधन के बाद अब तिरंगा रात में भी फहराया जा सकता है, बशर्ते वह ऊंचे खंभे पर हो और उस पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था हो। संहिता के मुताबिक, यदि सूर्यास्त के बाद झंडा नहीं उतारा जाता है, तो उस पर पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, अन्यथा इसे संहिता का उल्लंघन माना जा सकता है। 2018 में लगाया गया झंडा
रिवर व्यू रोड पर स्थापित तिरंगे की ऊंचाई लगभग 167 फीट (51 मीटर) है। अक्टूबर 2018 में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत स्थापित यह ध्वज, पैराशूट के कपड़े से निर्मित है। जनरेटर सेट 2018 में लगा, खराब हुआ तो रिपेयरिंग नहीं हुई.. शहर और देशवासियों की शान रिवर व्यू का सबसे ऊंचा तिरंगा वर्तमान में स्ट्रीट लाइट के साथ जोड़ दिया गया है, यानी जब तक स्ट्रीट लाइट जलेगी, तिरंगा प्रकाशमान रहेगा, लेकिन यदि बिजली गुल हो जाए तो अंधेरा हो जाएगा। साल 2018 में जब राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया तो ध्वज संहिता का ध्यान रखते हुए वहां 5 लाख की लागत से नया जनरेटर सेट लगाया गया, ताकि यदि लाइट गुल हो जाए तो भी तिरंगा प्रकाशमान रहे। भास्कर पड़ताल, अफसरों के विरोधाभासी बयान रिवर व्यू के तिरंगा साइट से जनरेटर सेट गायब होने के बारे में कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी का कहना है कि पार्ट्स चोरी हो रहे थे, इसलिए उद्यान, प्रकाश विभाग ने उसे कहीं रखवा दिया है। प्रकाश विभाग के प्रभारी ईई नीलेश पटेल से पूछने पर उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि जनरेटर उनके आने के पहले लगा था, अब कहां है, उन्हें नहीं मालूम? उन्होंने कहा कि वह साल भर पहले यहां आए हैं। जोन कमिश्नर प्रवेश कश्यप ने बताया कि सीएम के कार्यक्रम के दौरान सिक्योरिटी के लिहाज से जनरेटर सेट को कुछ समय के लिए वहां से हटा दिया गया था, वर्तमान में यह जोन कार्यालय में रखा हुआ है।


