भास्कर न्यूज|गुमला पालकोट प्रखंड अंतर्गत बिलिंगबिरा पंचायत में खड़िया विकास समिति के तत्वावधान में खड़िया मिलन समारोह सह वनभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत पहन द्वारा 9 गोत्र के झंडे की पूजा-अर्चना कर की गई। सामाजिक विधि-विधान के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए। मुख्य अतिथि खड़िया विकास समिति के जिला अध्यक्ष राजेश खड़िया ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि खड़िया समाज को जागरूक करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कहा कि भाषा और संस्कृति के संरक्षण के बिना किसी भी समाज का अस्तित्व सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने समिति के माध्यम से जिले के प्रत्येक खड़िया बहुल गांव व पंचायतों में जाकर लोगों को अपनी मातृभाषा और परंपराओं के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि जब तक हमारी भाषा और संस्कृति सुरक्षित रहेगी, तभी तक हमारा समाज भी सुरक्षित रहेगा। हमें नशा पान जैसी बुराइयों को त्यागकर अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की दिशा में गंभीर पहल करनी होगी। शिक्षा के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आगे आकर समाज के उत्थान में भागीदारी निभाने की अपील की। संबोधित करते हुए खड़िया विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष अनुज सोरेंग ने कहा कि खड़िया समाज को धर्म और पंथ के भेदभाव से ऊपर उठकर एक मंच पर आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए एकजुटता आवश्यक है। जब तक हम संगठित नहीं होंगे, तब तक हमारी आवाज मजबूती से नहीं सुनी जाएगी। मिलन समारोह समाज को संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कहा कार्यक्रम में बिलिंगबिरा पंचायत की मुखिया सस्ती देवी, दहुपानी पंचायत के मुखिया कमल पहन, विधायक प्रतिनिधि केश्वर सिंह, नकुल सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इसके अलावा धनपित खड़िया, बाल गोविंद खड़िया, गुड्डू खड़िया, रमेश खड़िया, चरण खड़िया, गोपाल खड़िया, अनिल खड़िया व सुदेश खड़िया सहित अन्य समाजसेवी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह में समाज की एकता, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और सांस्कृतिक पहचान को सहेजने पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक वनभोज किया गया। खड़िया मिलन समारोह ने क्षेत्र में सामाजिक एकजुटता व सांस्कृतिक जागरूकता को नई ऊर्जा प्रदान की।


