पर्यावरण की रक्षा के लिए गुरुवार को बीकानेर बंद रहा। मुख्य बाजारों सहित कॉलोिनयों में भी दुकानें शाम तक नहीं खुलीं। पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर चले सैकडों लोगों ने कोटगेट से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया तथा प्रदर्शन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। 30 दिसंबर को मुकाम में बैठक कर अभा विश्नोई महासभा आगे की रणनीति तय करेगी। जिले में सोलर प्लांट लगने के कारण खेजड़ी सहित अन्य पेड़ों को काटा जा रहा है। इससे हो रहे पर्यावरण के नुकसान को बचाने के लिए बिश्नोई समाज के लोग 161 दिन से धरना दे रहे हैं। पिछले दिनों जयमलसर में एक ही रात में 172 खेजड़ी के पेड़ काट दिए गए। इसे लेकर समाज के लोगों में गुस्सा है। विरोध स्वरूप गुरुवार को बीकानेर बंद करवाया गया। पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया। कलेक्टर कार्यालय के सामने आंदोलन से जुड़े समर्थकों के धरने पर पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी भी पहुंचे। इस मौके पर भाटी ने कहा कि राज्य सरकार की अनदेखी की वजह से यह सब हुआ। उन्होंने कहा कि खेजड़ी को राज्य वृक्ष घोषित करने के बावजूद तेजी से पेड़ों की कटाई हो रही है। बीकानेर बंद के दौरान कोटगेट से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए पैदल मार्च में लारेंस बिश्नोई के पोस्टर भी लहराए गए।


