बीआईटी मेसरा के कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग विभाग में ‘मशीन लर्निंग आधारित जियोस्पेशियल डेटा एनालिटिक्स’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का मंगलवार को आगाज हुआ। ANRF-CRG के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में देश भर के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सत्र में आईआईटी खड़गपुर के प्रो. सौम्य कांती घोष, बीआईटी मेसरा के डीन प्रो. संदीप सिंह सोलंकी और विभागाध्यक्ष डॉ. अभिजीत मुस्तफी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने उपग्रह चित्रों के विश्लेषण, पूर्वानुमान मॉडल निर्माण और योजना कार्यों में आधुनिक संगणकीय तकनीकों के महत्व पर जोर दिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भू-स्थानिक आंकड़ों के प्रसंस्करण में AI और मशीन लर्निंग के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझाना है। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. शशांक पुष्कर और डॉ. इंद्रजीत मुखर्जी द्वारा किया गया। पहले दिन का समापन भू-स्थानिक AI के ढांचे और कार्यप्रणाली पर आधारित तकनीकी सत्रों के साथ हुआ, जिसमें डेटा एनालिटिक्स की भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की गई।


