बीकानेर में एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत बिलों के भुगतान में अनियमितता को लेकर मामला दर्ज किया गया है। हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से की गई शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश गुप्ता ने एफआईआर में बताया- डॉ. बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर के खिलाफ आरजीएचएस के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। कब से कब तक का मामला? 1 सितंबर 2024 से 15 सितंबर 2025 के बीच प्रस्तुत किए गए क्लेम की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि मरीजों की आवश्यकता से अधिक जांच करवाई गई। इस समय अंतराल के बिलों की विशेष तौर पर जांच की गई थी। गड़बड़ी मिलने पर बीकानेर के उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए। परिवार के सभी सदस्यों का HIV टेस्ट क्यों? एक ही परिवार के सभी सदस्यों के एचआईवी टेस्ट कराए गए और सभी की रिपोर्ट सामान्य दर्शाई गई। इसके अलावा कई ओपीडी स्लिप पर संबंधित डॉक्टर के हस्ताक्षर भी नहीं पाए गए। ये स्पष्ट नहीं हो पाया कि सभी सदस्यों की जांच क्यों करवाई गई और सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है तो इसकी जरूरत क्या थी? प्रोसेस में भी खामियां हेल्थ विभाग के अनुसार दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में कई अन्य प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक खामियां भी सामने आई हैं। मामले में वित्तीय अनियमितता की आशंका को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस अब दर्ज एफआईआर के आधार पर सेंटर के रिकॉर्ड, क्लेम दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।


