बीकानेर में चल रहे कैमल फेस्टिवल के दूसरे दिन रविवार को जयपुर–जोधपुर बायपास स्थित ऊष्ट्र अनुसंधान केंद्र में प्रमुख कार्यक्रम आयोजित होंगे। यहां ऊंटों की दौड़, ऊंट डांस और ऊंट हेयर कटिंग से जुड़े विभिन्न कॉम्पिटिशन होंगे, जिन्हें देखने के लिए स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि विदेशी पर्यटक इस बार बहुत कम संख्या में नजर आ रहे हैं। हेयर कट और सजावट प्रतियोगिता में 30 से 40 ऊंट फेस्टिवल के दूसरे दिन होने वाली ऊंट हेयर कटिंग प्रतियोगिता में करीब 30 से 40 ऊंट हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही ऊंट दौड़ और सजावट प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। ऊंट पालक अपने ऊंटों को पारंपरिक और कलात्मक तरीकों से सजाकर मैदान में उतारेंगे। स्थानीय दर्शकों की रहेगी ज्यादा मौजूदगी जयपुर–जोधपुर बायपास पर स्थित ऊष्ट्र अनुसंधान केंद्र में होने वाले इन कार्यक्रमों को देखने के लिए स्थानीय लोगों की संख्या अधिक रहती है। बीते वर्षों की तरह इस बार भी दूसरे दिन स्थानीय दर्शकों की मौजूदगी ज्यादा रहने की संभावना जताई जा रही है। विदेशी पर्यटकों की संख्या कम ऊंट उत्सव में इस बार विदेशी पर्यटकों की संख्या काफी कम नजर आ रही है। पहले दिन गिनती के दस से बीस विदेशी पर्यटक ही दिखाई दिए थे और दूसरे दिन भी इतनी ही संख्या में विदेशी पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। दरअसल, पर्यटन विभाग ने सिर्फ बीकानेर में ही प्रचार पर जोर दिया, जिससे विदेशी पर्यटकों तक ये संदेश ही नहीं पहुंचा। बीएसएफ के अनुशासित ऊंट भी दिखाएंगे करतब दूसरे दिन बीएसएफ के जवान भी अपने अनुशासित ऊंटों के साथ कार्यक्रमों में नजर आएंगे। बॉर्डर क्षेत्र में बीएसएफ द्वारा ऊंटों से रोजाना तारबंदी के पास निगरानी रखी जाती है और इन्हीं प्रशिक्षित ऊंटों का प्रदर्शन भी दर्शकों के लिए आकर्षण होगा। सांसोलाव तालाब पर योग कार्यक्रम रहा फीका कैमल फेस्टिवल से पहले सुबह सांसोलाव तालाब के पास योग प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लोगों की मौजूदगी काफी कम रही। योग सत्र के दौरान एक भी विदेशी पर्यटक नजर नहीं आया।


