भारत-पाक सीमावर्ती क्षेत्र में शनिवार दोपहर को आठवीं में पढ़ने वाली एक छात्रा की हत्या के बाद अब तक तनाव की स्थिति बनी हुई है। कल दोपहर से अब तक मृतका के परिजन और ग्रामीण वहीं बैठे हैं, जहां शव मिला था। पोस्टमार्टम के लिए शव को मोर्चरी नहीं ले जाने दिया गया। ग्रामीणों की डिमांड है कि हत्या करने वालों की गिरफ्तारी हो और एक करोड़ रुपए मुआवजे के साथ किसी पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। शनिवार दोपहर से ही इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने अपराधी की गिरफ्तारी, मृतक छात्रा के परिवार को मुआवजा की माँग पर शव को उठाने नहीं दिया हैं। एसडीएम और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बीकानेर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर मौजूद है। शनिवार दोपहर को थाना क्षेत्र की ढाणियों से आठवीं बोर्ड परीक्षा देने घर से निकली बच्ची परीक्षा केंद्र नहीं पहुंची। स्कूल स्टाफ द्वारा जब परिजनों से इस बात की जानकारी दी गई तो खोजबीन करने पर घर और स्कूल के बीच रास्ते में बालिका का अर्धनग्न अवस्था में शव मिला। तभी तो पूरे इलाके में आक्रोश फेल गया और सैकंडों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए तथा दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए अपराधी की मांग करने लगे। इस दौरान एसडीएम सावरमल रैगर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीएल मीणा, सीओ कोलायत, SHO रणजीतपुरा, बज्जू, गजनेर अपने टीम सहित मौके पर पहुंचे। देर सायं को तक पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सागर भी पहुंचे। एसपी के नेतृत्व में रात्रि को प्रदर्शनकारियों से वार्ता की गई। जिसमें अपराधी की गिरफ़्तारी तक शव को उठाने नहीं देने पर अड़ गए। जो अभी तक यथास्थिति बनी हुई हैं। एसडीएम सांवरमल रैगर ने बताया की घटना बड़ी गंभीर हैं। प्रशासन और पुलिस तत्परता से इसमें लगी हुई हैं। शव के खुले में मौके पर रहने से सबूत नष्ट हो रहे है तथा अपराधी की धरपकड़ में पुलिस कार्यवाही भी बाधित हो रही हैं। ग्रामीणों और परिजनों से लगातार समझाइश की जा रही हैं। कानून सम्मत सभी परिलाभ मिले, इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसलिए जितनी जल्दी बच्ची के शव को मौके से उठाने और पोस्टमार्टम करवाने देना चाहिए। ताकि बच्ची को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। वहीं प्रदर्शनकारी पूरी रात्रि से घटना स्थल पर टिके हुए है। जो पीड़ित परिवार सरकारी नौकरी, 1 करोड़ मुआवजा और अपराधी की गिरफ्तारी करने की माँग कर रहे हैं। कंटेंट : राधेश्याम पूनिया


