बीजेपी विधायक और मंत्री के बेटे हुए आमने-सामने:धनंजय बोले- सदस्यों से चर्चा नहीं करते; बिहाणी ने कहा- वो VIP, कन्वीनर नहीं बनाने से पेट में दर्द हो रहा

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में चुनाव से पहले ही एडहॉक कमेटी के कन्वीनर बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी और हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर आमने-सामने हो गए है। धनंजय ने एडहॉक कमेटी पर मनमानी, सदस्यों से चर्चा नहीं करने और खिलाड़ियों के सिलेक्शन में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। वहीं, जयदीप बिहाणी ने धनंजय सिंह को वीआईपी बताते हुए उन्हें कन्वीनर नहीं बनाए जाने की वजह से बेवजह विवाद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा- कन्वीनर नहीं बनाए जाने की वजह से उनके पेट में दर्द हो रहा है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर ने दो ई मेल कर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के एडहॉक कमेटी कन्वीनर जयदीप बिहाणी पर मनमानी के आरोप लगाए। उन्होंने ई मेल में लिखा- राजस्थान अंडर – 23 टीम में हिमांशु पाटीदार, विनायक तिवारी, मोहम्मद गाजी और जयंत गैदर का सिलेक्शन किया गया है। यह जानकारी मुझे काफी देर बाद दी गई है। जबकि मीडिया को यह जानकारी एडहॉक कमेटी के सदस्यों ने पहले ही दे दी थी। क्या मैं यह जान सकता हूं कि ये बदलाव कौन कर रहा है या फिर मुझे हमेशा की तरह कोई जवाब नहीं मिलेगा। धनंजय बोले- निरंकुश हो गई एडहॉक खींवसर ने अपने दूसरे ई मेल में लिखा- एडहॉक कमेटी के कन्वीनर जयदीप बिहाणी निरंकुश होकर फैसला ले रहे हैं। वह कमेटी के सदस्यों से किसी तरह की चर्चा तक नहीं करते हैं। जो राजस्थान के क्रिकेट के भयावह स्थिति पैदा कर रहा है। इस पूरे मुद्दे पर हमने एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर से उनका पक्ष जानने की कोशिश की। लेकिन अब तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। धनंजय नहीं उठाते फोन, PA से लेना पड़ता है वक्त वहीं, खुद पर लगे आरोपों पर पलटवार करते हुए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर और बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी ने कहा- राजस्थान में अगर खिलाड़ियों का चयन गलत तरीके से हुआ है। उसे दुरुस्त करने का काम एडहॉक कमेटी के कन्वीनर के पास है। हर बार हर काम के लिए एडहॉक कमेटी की मीटिंग बुलाना संभव नहीं है। वैसे भी धनंजय सिंह खींवसर वीआईपी कल्चर में जीते हैं। उनसे बात करनी होती है तो पहले उनके PA (पर्सनल असिस्टेंट) को फोन करना पड़ता है। उसके बाद धनंजय सिंह खींवसर से बात करने के लिए टाइम लेना पड़ता है। तब जाकर उनसे बात होती है। इतना समय किसके पास होता है। आज तो हर आदमी ही VIP है। वैसे भी एडहॉक कमेटी के चार सदस्य आपस में मिलजुल कर सलाह लेकर काम करते हैं। जो लोग आसानी से उपलब्ध होंगे। उनसे ही बात संभव हो पाती है। कन्वीनर नहीं बनने का है पेट में दर्द जयदीप बिहाणी ने कहा- अगर धनंजय सिंह खींवसर को खिलाड़ियों के सिलेक्शन से आपत्ति ही थी। उन्हें अपना ई-मेल सार्वजनिक करने की क्या जरूरत आ गई। उन्हें खेल मंत्री को शिकायत करनी चाहिए थी। उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि धनंजय सिंह खींवसर एडहॉक कमेटी के कन्वीनर बनने के लिए आए थे, लेकिन उन्हें आगे नहीं बढ़ाया गया। इस बात का उनके पेट में दर्द हो रहा है।

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